कार में एयरल्स से मिलेगी फ्रेश एयर

नई दिल्ली। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, एम्स, आईआईटी और सिंगापुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एयरलेन्स कार एयर सैनिटाइजर नामक एक प्रोडक्ट बनाया है, जो एक्टिव मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह प्रोडक्ट डब्ल्यूएचओ मानक के अनुसार 2 मिनट में कारों की वायु को शुद्ध करता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिवाली के समय एक महीने की अवधि को रेड अलर्ट अवधि माना जाता है। कई बार यह देखा गया है कि दिल्ली सरकार को बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए स्कूलों और कॉलेजों को मजबूरन बंद करना पड़ा है। यहां तक कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर ऑड और इवन स्कीम भी शुरू की जाती है। इस साल भी ऑड और इवन स्कीम 4 नवंबर से 15 नवंबर 2019 तक शुरू की जाएगी। सरकार और अन्य चिंतित निजी संस्थाएं भी इस स्थिति से लड़ने के लिए सभी प्रयास कर रही हैं।

बेहतर होती तकनीक के साथ लोग अपने घरों और कार्यालयों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करते हैं। पर अब तक कार में मौजूद हवा को साफ करने के लिए कोई प्रोडक्ट नहीं था। इस प्रोडक्ट के जरिए आप एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हुए अपनी कार में भी शुद्ध हवा में सांस ले पाएंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, एम्स, आईआईटी और सिंगापुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, इंजीनियरों और डिजाइनरों की एक टीम द्वारा संचालित पर्सपियन इनोवेशन कंपनी ने एयरलैंड्स कार एयर सेनिटाइजर लाॅन्च किया है, जो 2 मिनट में कारों में मौजूद हवा को साफ करने के लिए बनाई गई, एक्टिव मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी पर आधारित एक नई तकनीक है।

पर्सपियन इनोवेशन के निदेशक डॉ शशि रंजन कहते हैं “एयरल्स एक उत्पाद नहीं है, लेकिन यह एक फिलॉसफी है, जिसका उद्देश्य हवा को शुद्ध और स्वस्थ बनाना है। यह एक्टिव मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें हवा से सभी प्रदूषकों को हटाने की खूबी है लेकिन, पारंपरिक फिल्टर के विपरीत, यह एयरफ्लो को अवरुद्ध नहीं करता है और हवा को मूल रूप से प्रवाहित होने देता है। यह आपको पराग, रोगाणु, जीवाणु, पीएम 2.5 आदि से भी बचाता है।”

इस उत्पाद की आवश्यकता के बारे में डॉ शशि ने कहा, “डब्ल्यूएचओ के हालिया अध्ययन के अनुसार, भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर 23 सेकंड में 1 जीवन खो जाता है। हम हर दिन 12000 लीटर हवा का सेवन/सांस लेते हैं और अगर इसे साफ नहीं किया जाता है तो यह शरीर को नुकसान पहुंचाता है। वायु प्रदूषण, विशेषकर बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म इफेक्ट्स जैसे दिल की बीमारी, फेफड़े के कैंसर, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर, स्ट्रोक, मतली, सिरदर्द आदि की ओर जाता है।
उन्होंने कहा कि जब कोई कार के अंदर बैठता है, तो प्रदूषण से सुरक्षित महसूस करता है, खासकर जब एयर कंडीशनर चालू होता है, लेकिन वास्तव में कार के अंदर हवा बाहर की तुलना में खराब होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कार का एसी सिस्टम के अंदर, ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो पीएम 2.5, पीएम 10 और हवा से अन्य प्रदूषकों को फिल्टर करती है। बाहर की प्रदूषित हवा अंदर आती रहती है और घूमती रहती है क्योंकि इन प्रदूषकों के खिलाफ कोई शुद्धि तंत्र नहीं है।

खासियत- कार एयर सेनिटाइजर को भारतीय वैज्ञानिकों ने भारतीय परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन किया है। यह 2 मिनट से भी कम समय में डब्ल्यूएचओ मानक के अनुसार कार के अंदर की हवा को शुद्ध करता है। तकनीकी रूप से, ।पतसमदे किसी भी कार में आसानी से लगाया जा सकता है। यह कार एसी वेंटिलेशन सिस्टम से जुड़ा होता है और कार के डैशबोर्ड या बोनट के अंदर कहीं छिपा सकते है। तो किसी अन्य डिवाइस पर स्विच करने का कोई झंझट नहीं है, बस एसी फैन चालू करें और अपनी कार में ताजी हवा का आनंद लें। यहां तक कि कार के अंदर किसी अतिरिक्त जगह की भी आवश्यकता नहीं होती है।

कीमत व उपलब्ध – मेक इन इंडिया तहत भारत में निर्मित इस उत्पाद की कीमत 999 रुपये मात्र है। यह औसतन छह महीने आराम से चलता है और विभिन्न कार मॉडल के लिए अलग-अलग मॉडल हैं। यह उत्पाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल वर्कशॉप और शोरूम और ंउं्रवद, सिपचांतज और ंपतसमदे.पद पर उपलब्ध है।

टीम डिजिटल

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