प्रमुख सुर्खियाँ :

कैनएम ने भारतीय निवेशकों से 150 मिलियन डॉलर जुटाये

नई दिल्‍ली।  कैनएम इन्‍वेस्‍टर सर्विसेज, एलएलसी, ईबी-5 रीजनल सेंटर जोकि निवेश से संबंधित वीजा प्रोग्राम उपलब्‍ध कराता है, ने भारत में साल दर साल ईबी-5 वीजा आवेदनों में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। वर्ष 2016 में, कैनएम को 50 निवेशक आवेदन प्राप्‍त हुये जोकि 2017 में बढ़कर 97 पर आ गये और इस साल इन आवेदनों की संख्‍या 200 तक पहुंचने की संभावना है। भारत वियतनाम और चीन के बाद ईबी-5 वीजा के लिए तीसरा सबसे अधिक आवेदन दाखिल करने वाला देश है। भारत ने ईबी-5 के क्षेत्र में हाल ही में कदम रखा था (2015 के अंत में), और इसमें कोई आश्‍चर्य नहीं कि इसकी संख्‍या में साल दर साल वृद्धि हो रही है।

ईबी-5 वीजा वर्तमान में सबसे तेज क्‍वालीफाईंग प्रक्रियाओं में से एक है जिससे निवेशकों को संयुक्‍त राष्‍ट्र में स्‍थायी रेजिडेंसी प्राप्‍त होती है। यह वीजा निवेशक, पत्‍नी और 21 साल से कम आयु के अविवाहित बच्‍चों पर लागू होती है। किसी योग्‍य परियोजना में ईबी-5 वीजा में निवेश 500,000 डॉलर से 1,000,000 डॉलर के बीच है (जोकि निवेश के प्रकार पर निर्भर है)। किसी प्रोजेक्‍ट में निवेश करने पर, निवेशक को सशर्त ग्रीन कार्ड मिलता है जिसके लाभ ग्रीन कार्ड के समान ही हैं, लेकिन बस यह सिर्फ दो साल तक वैध रहता है। स्‍थायी ग्रीन कार्ड प्राप्‍त करने के लिए, प्रोजेक्‍ट को अमेरिकी कर्मचारियों के लिए 10 पूर्णकालिक नौकरियों का निर्माण करना आवश्‍यक है। ईबी-5 वीजा के 60 प्रतिशत भारतीय आवेदक रियर-एस्‍टेट परियोजनाओं में निवेश करना पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि रियल एस्‍टेट परियोजनाओं में नौकरियां पैदा करना और उन्‍हें बनाये रखना आसान है।

भारत में, लक्षित लोगों में  हाई नेट-वर्थ निवेशक (एचएनआइ) शामिल हैं जोकि अपने और अपने परिवार के लिए एक-बार के निवेश अवसर के माध्‍यम से ग्रीन कार्ड और स्‍थायी रेजिडेंसी लेने के इच्‍छुक हैं। ईबी-5 वीजा आवेदक के 50 प्रतिशत में टियर1 और टियर 2 शहरों से ऊपरी वर्ग के पैरेंट्स शामिल हैं जो चाहते हैं कि उनके बच्‍चे आगे की पढ़ाई और आकर्षक कॅरियर अवसरों के लिए अमेरिका में बस जायें। इसके बाद युवा शिक्षित पेशेवरों का स्‍थान है, जिनकी आयु 25 से 35 साल के बीच है और जो अमेरिका में रहना चाहते हैं।

अभिनव लोहिया, कैनएम एंटरप्राइजेज में वाइस प्रेसिडेंट-भारत और मिडल ईस्‍ट ने कहा, “भारत से ईबी-5 वीजा आवेदकों की कुल संख्‍या 2014 से दुगुनी से अधिक हो गई है और आवेदकों की संख्‍या के लिहाज से देश के दुनिया में दूसरे स्‍थान पर आने की संभावना है। वित्‍त वर्ष 2017 में, ईबी-5 वीजा के लिए 500 से अधिक भारतीयों ने आवेदन किया, वित्‍त वर्ष 2016 में यह संख्‍या 354 और वित्‍त वर्ष 2015 में 239 थी। ईबी-5 प्रोग्राम में 30 सितंबर तक नीतिगत बदलाव होने की उम्‍मीद है। ऐसा अनुमान है कि न्‍यूनतम निवेश राशि 500,000 डॉलर से बढ़कर 925,000 डॉलर हो जायेगी। हमें मांग में बढ़ोतरी की देखने को मिल रही है क्‍योंकि अधिक से अधिक लोग इस बदलाव के लागू होने से पहले ईबी-5 प्रोग्राम में आवेदन करने के इच्‍छुक हैं।”

 

टीम डिजिटल

Related Posts

leave a comment

Create Account



Log In Your Account