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साहित्य

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रख्यात फोटोग्राफर और चित्रकार पद्मश्री वीरेंद्र प्रभाकर सरकार व्यक्तित्व के धनी एवं अपने क्षेत्र के पारंगत व्यक्ति थे। उन्होंने भारत में आजादी के समय से अपने करियर की शुरुआत करते हुए सारी उपलब्धियां हासिल की। फोटो पत्रकारिता जैसे रचनात्मक क्षेत्र में अपने हुनर की खुशबू बिखेरते
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नई दिल्ली। घर क्या होता है? कभी इस पर गौर किया है? बहुत तो मानते हैं चार दीवारों का मकान। हम मानते ये ईंट-दीवारों से नहीं। वहां रहने वालों से बनता है। झुग्गी भी तो आंगन है। ये तो रहने वालों के साथ ही बनता है। कुछ तो कोठी में रहते हैं, पर अपनों से
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महिषी (सहरसा)। समाज और संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर सेंटर फाॅर स्टडीज ऑफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स, नई दिल्ली 27 दिसंबर को ऐतिहासिक शक्तिपीठ महिषी के मंडन धाम में मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन कर रहा है। आयोजक की ओर से कहा गया है कि कोरोना के कारण साल हम तीन दिवसीय आयोजन एक
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नई दिल्ली।  नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित जानेमाने बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्‍यार्थी की पुस्‍तक ‘‘कोविड-19: सभ्‍यता का संकट और समाधान’’ का लोकार्पण भारत के पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति श्री दीपक मिश्रा ने किया। राज्‍यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के विशिष्‍ट आतिथ्‍य में इस समारोह का आयोजन किया गया। प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस
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नई दिल्ली। भारतीय समाज में हमेशा से लोगों की कमी के बजाए उसकी क्षमताओं को निखारने की प्रवृति रही है। हमारा समाज किसी भी कारण से यदि किसी का एक अंग कमजोर हो गया है, तो उसके दूसरे अंगों के सशक्त होने की बात करता आया है। विकलांगता की परिकल्पना जो पश्चिम की देन है।
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भुबनेश्वर।कलिंगा लिटररी फेस्टिवल दिसंबर के आगामी विशिष्ट सत्रों में करेगा कुछ ख्यातिलब्ध लेखक, अर्थशास्त्री, निति-निर्माता, और विचारकों की मेजबानी। कलिंगा लिटररी फेस्टिवल के भाव संवाद में शामिल होंगे, विचारक राम माधव, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मेघनाद देसाई, डॉ. बिबेक देबरॉय, तमाल बंदोपाध्याय, प्रो. टीटी राम मोहन, आईएएस सुभा शर्मा और अन्य। 10 दिसंबर को शाम 7 बजे,
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-विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता-विहिप कुछ लोग कर्म शील होते हैं तो कुछ धर्मशील। कोई विद्यावान होता है तो कोई गुणवान। कोई धनवान होता है तो कोई बलवान। कोई ज्ञानी होता है तो कोई दानी। किन्तु ये सभी गुण यदि कहीं एक साथ देखने को मिले तो वे थे महाशय धर्म पाल गुलाटी ‘आर्य’। माघ कृष्ण तृतीया
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भुवनेश्वर। देश के एक प्रमुख साहित्यिक उत्सव मंच कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल (केएलएफ) की पहल केएलएफ भाव संवाद ,अपने 100 वें सत्र में 3 दिसंबर को अंग्रेजी भाषा के सुविख्यात साहित्यकार अमिताव घोष की मेजबानी करेगा। KLF ने भाव संवाद” ’का शुभारंभ कवियों, लेखकों, विचारकों, दार्शनिकों, बुद्धिजीविओ, आध्यात्मिक गुरुओं, शोधकर्ताओं, कलाकारों, और आम नागरिकों को इस
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कुमकुम झा जिंदगी की अनुभूतियाँ जिंदगी के साथ रहती है। कदम दर कदम एक नया एहसास देती है। यादों में से कुछ यादें साथ -साथ चलती है और ले जाती हैं एक खूबसूरत जहान में। बहुत हिम्मत बटोरकर लेखनी उठाती हूँ। कागज के पन्ने पलटकर सामने रखती हूं। कुछ चिन्तन करती हूं और फिर कुछ
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नई दिल्ली। मां दुर्गा की पूजा करना। उनके लिए उपवास रखने का मतलब यह नहीं है कि इससे Ma Durga प्रसन्न हो जाएंगी। मां की भक्ति को दिल में उतारना लाज़िमी है। इसके लिए घंटों के उपवास की कोई दरकार नहीं है। मन से Ma Durga के वचनों को कर्म में उतारें। ये है सही
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