प्रमुख सुर्खियाँ :

साहित्य

दीप्ति अंगरीश क्या आपने कभी सोचा कि प्रेम पाप-पुण्य तथा विचारों का खेल हो भी सकता है। आप सोच रहे होंगे कि मैं कैसी बहकी-बहकी बातें कर रहीं हूं। यह बातें आपको अजीब लग सकती है, लेकिन भगवती चरण वर्मा की लिखित पुस्तक चित्रलेखा को पढ़ने के बाद शायद आप भी कुछ इस तरह के
Complete Reading

वर्तमान में गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा का एक लंबा सामाजिक और राजानीतिक अनुभव है। बीते कई दशकों से वे साहित्य साधना में तल्लीन हैं। उनकी दर्जनों पुस्तकें विभिन्न विषयों पर प्रकाशित हो चुकी हैं। उसने कई मुद्दों पर विशेष बात की गई। पेश है उस बातचीत के प्रमुख अंश:  हिंदुस्तान के परिप्रेक्ष्य में
Complete Reading

परिवर्तन मैं नहीं बनना चाहती स्थिर, सुदृढ़ हिमालय जैसा जिसे नही चाहिेए कोइ परिवर्तन मैं नहीं चाहती बर्फ सा ठंडापन ठंडा शेषनाग झील सा जो कभी तट के उपर कभी ना बह सके एक जगह ठहरी हुई जिंदगी कैसे जी लेते हैं लोग मुझे तो चाहिए, प्रवाह असीमता , आकर्षक परिवर्तन पता नहिं क्यों बढ़
Complete Reading

Create Account



Log In Your Account