‘फासीवादी’ विचारधारा को हराएंगे : कांग्रेस

अहमदाबाद। कांग्रेस ने अपनी सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद भाजपा एवं आरएसएस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोगों की भावनाओं का दोहन कर रहे हैं। पार्टी ने यह भी संकल्प लिया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा एवं आरएसएस की ‘फासीवाद और घृणा’ की विचारधारा को पराजित किया जाएगा।

सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय स्मारक में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अहम चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत तथा कई अन्य नेता बैठक में शामिल हुए।

बैठक के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘गांधी जी के ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ के मौके पर कांग्रेस कार्य समिति ने आरएसएस/भाजपा की फासीवाद, घृणा, आक्रोश और विभाजन की विचारधारा को पराजित करने का संकल्प लिया। इस प्रयास में हर बलिदान छोटा है। इस लड़ाई को जीता जाएगा।’’

सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुरुआत में पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों की याद में कुछ पल मौन रखा गया। बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल तथा स्वतंत्रता संग्राम के दूसरे नेताओं की विरासत पर कब्जा करने और खुद को उनके मूल्यों के चैम्पियन के तौर पर पेश करने की कोशिश करते हुए उनके संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में बहुमूल्य योगदान का अपमान कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘2019 में जलियांवाला बाग नरसंहार को एक सदी हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी उन लोगों को ससम्मान याद करती है जिन्होंने हमारी आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। हम उनकी शहादत को सलाम करते हैं।’’

पार्टी ने कहा, ‘‘पुलवामा में आतंकी हमले की दुखद पृष्ठभूमि में सीडब्ल्यूसी की यह बैठक हुई है। इस हमले ने हमें फिर से याद दिलाया कि आतंकवाद हमारी देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी इस हमले की पुरजोर निंदा करती है और अपने जवानों एवं सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता प्रकट करती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में सरकार को कांग्रेस पार्टी का समर्थन दिया।’’ कांग्रेस ने कहा, ‘‘ एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के रूप में कांग्रेस अपनी भूमिका और राष्ट्रीय उत्तरदायित्वों को लेकर सजग है। भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है जिसमें विभिन्न विचार और विचारधाराएं है जिनका प्रतिनिधित्व अलग अलग पार्टियां करती हैं। विरोध और विचारधाराओं का प्रकटीकरण हमारे राजनीतिक विमर्श का अभिन्न हिस्सा है। इसे देश की एकता के खिलाफ और कमजोरी के तौर पर देखने की गलती नहीं की जानी चाहिए।’’ उसने कहा, ‘‘सीडब्ल्यूसी भारत के शत्रुओं को एक मजबूत संदेश देती है कि उनके घृणित एजेंडे को नाकाम करने के लिए और उनका मुकाबला करने के लिए भारत एकजुट है। भारत कभी भी हिंसा और आतंक के सामने नहीं झुकेगा।’’

कांग्रेस ने कहा, ‘‘कांग्रेस इस पर घोर निराश प्रकट करती है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे का दोहन कर रहे हैं जबकि इस मुद्दे पर हम सब एकजुट हैं। वह अपनी विफलताओं, फर्जी दावों और निरंतर झूठ से ध्यान भटकाने के लिए यह सब कर रहे हैं।’’ पार्टी ने जीएसटी को गलत ढंग से लागू करने, बैंकों पर एनपीए के बोझ और अर्थव्यस्था की खराब स्थिति को लेकर भी मोदी सरकार पर हमला बोला। उसने आरोप लगाया कि मोदी सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था के ऐतिहासिक कुप्रबंधन की दोषी है। कांग्रेस ने दावा किया, ‘‘महिलाओं, छात्रों, शिक्षाविदों, लेखकों और कारोबारी समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक एवं दूसरे सुरक्षा प्रावधानों पर जानबूझकर हमले किए गए और सभी संस्थाओं को कमजोर किया गया है। कांग्रेस पार्टी सभी लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों का आह्वान करती है कि वे एकजुट हों और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करें तथा लड़ाई लड़ें।’’

सीडब्ल्यूसी की बैठक में पारित प्रस्ताव में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किसानों की कर्ज माफी का उल्लेख किया गया है। सीडब्ल्यूसी ने कांग्रेस अध्यक्ष के उस वादे का भी अनुमोदन किया जिसमें उन्होंने सरकार बनने पर न्यूनतम आय की गारंटी की बात की है। उसने कहा, ‘‘कांग्रेस, चुनाव में विभिन्न राज्यों में अपने और अपने सहयोगियों के लिए समर्थन मांगने के मकसद से भारत की जनता का रुख करेगी।’’ बैठक से पहले पार्टी ने यहां साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। महात्मा गांधी ने 1930 में आज ही के दिन साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक दांडी यात्रा शुरू की थी। दांडी यात्रा की वर्षगांठ के अलावा यह प्रियंका गांधी वाड्रा की पहली आधिकारिक बैठक भी है जिन्हें हाल ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कांग्रेस महासचिव का प्रभार सौंपा गया।

कांग्रेस कार्य समिति की पूरे दिन चलने वाली यह बैठक इस लिहाज से भी अहम है कि यह चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के महज दो दिन के बाद हुई है। गौतरतलब है कि गुजरात में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक करीब 58 वर्षो के बाद हुई है। इससे पहले 1961 में गुजरात में सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई थी।

 

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