गांधी जयंती पर डाबर ने शुरु की प्लास्टिक अपशिष्ट श्रमदान मुहीम

नई दिल्ली। महात्मा गांधी की 150 वें जन्मदिन के अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए आज पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) और भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) के साथ मिलकर एक अनोखा कार्यक्रम ‘स्वच्छता ही सेवा’ प्लोगिंग ड्राइव का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और कचरा को सड़क पर फेंकने के बजाए उसे डस्टबिन में या गाड़ी में डालने के लिए किया गया। इस दौरान पैदल या जॉगिंग करने वालों को भी बताया गया कि वे रास्ते में पड़े कूड़े को उठा कर डस्टबिन में डाले, ताकि लोगों में स्वच्छ रहने की आदत को डेवलप किया जा सके। ‘द प्लोगिंग ड्राइव’ को दिल्ली के लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन से शुरु किया और निर्मण विहार मेट्रो स्टेशन पर समाप्त किया गया।

इस दौरान मुख्य रूप से बच्चों लोगों को जागरूक करने के लिए और पर्यावरण की देखभाल के विषय में उनसे कम्युनिटी एडवोकेट बनने के लिए अपील की गई। इस स्त्रोत के माध्यम से गीले, सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की जानकारी भी दी गई। प्रोग्राम के माध्यम से कचरे और अपशिष्टों के प्रति अवेयरनेस, सेग्रिगेशन और वेस्ट कलेक्शन के साथ ही रियूज, रीसाइक्लिंग को बढ़ाया गया।

“यह कार्यक्रम 6 सप्ताह के लंबे ‘स्वच्छता ही सेवा’ प्लास्टिक अपशिष्ट श्रमदान अभियान का हिस्सा था। ईडीएमसी और डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा 11 सितंबर 2019 से 27 अक्टूबर 2019 तक इस कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है। प्लोगिंग ड्राइव चलने / जॉगिंग और सफाई की अच्छी आदतों को एक साथ सिंक करके भारत को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की योजना है। इसके लिए स्कूली बच्चों को सफाई के प्रति शिक्षित करना ही इसका मुख्य उदेश्य था। इस मिशन का एक और लक्ष्य यह था कि स्कूली बच्चों को उनके स्कूलों और पड़ोस को क्लीन और ग्रीन बनाने के लिए पर्यावरण के हीरो बनाए ताकि वे कुछ कि.मी तक प्लागिंग कर कचरे और वेस्ट इकट्ठा करें और स्वयं के साथ ही धरती मां का भी ख्याल रखें।” डाबर इंडिया लिमिटेड के हेड-सीएसआर श्री ए.सुधाकर ने कहा।

श्री ए.सुधाकर ने कहा कि डाबर ने एक जिम्मेदार कंपनी होने के नाते हमेशा पर्यावरण स्थिरता के लिए एक मजबूत संबंध के साथ अपने बिजनस को संचालित करने की कोशिश की है। इस पहल के माध्यम से, डाबर सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे इस अभियान में हिस्सा लें, श्रमदान और स्वच्छता के माध्यम से जागरूकता, सृजन और सामुदायिक विकास के लिए बड़े पैमाने पर प्लास्टिक कचरा के संग्रहण और प्लास्टिक कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए ग्रीन ड्राइव, स्वच्छता रैलियों से जुड़े।

श्री सुधाकर ने इस अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड ने प्लास्टिक अपशिष्ट तटस्थ बनने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा की, जिसके तहत मार्च 2021 तक डाबर देशभर से 20,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट को एकत्र कर संग्रह, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण करेगी।

डाबर की प्लास्टिक रीसाइक्लिंग पहल 2018-19 में 6 राज्यों में शुरू की गई थी जिसमें 4,000 मीट्रिक टन की पोस्टिंग अपशिष्ट को एकत्र कर संग्रह, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण किया गया। इसके तहत 2019-20 में 25 राज्यों में 12,400 मीट्रिक टन प्लास्टिक एकत्र किया जाएगा और 2019-20 में इसे आगे बढ़ाकर 20,000 मीट्रिक टन किया जाएगा। 2020-21 में डाबर एक प्लास्टिक अपशिष्ट-तटस्थ कंपनी हो जाएगा।

 

टीम डिजिटल

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