धन्य धन्य हे भारत मां

धन्य धन्य हे भारत मां

जहां ब्रह्मा विष्णु शिव की

गाथायें गायी जाती हैं ।
ऐसे हम देश में रहते हैं
जहां गायें पूजी जाती हैं ।।
पेड़ों को साक्षी देव मानकर
पेड़ भी सींचे जाते हैं ।
ये देश है मेरा भारत
यहां पत्थर पूजे जाते हैं ।।
है स्वाभिमान इस धरती में
यह सब कुछ धारण करती है ।
पापी हो या पुण्यात्मा
सबका पालन करती है  ।।
हे धन्य धन्य हे भारत मं
हम प्यार न तेरा भूलेंगे ।
जप तक ये रहेगा सूरज चांद
उपकार न तेरा भूलेंगे ।।

एडमिन

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