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फिर शीला दीक्षित को मिली दिल्ली की कमान

नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के साथ पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए हैं। प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने कहा कि पूर्व विधायक हारुन यूसुफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव को प्रदेश में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कुछ दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति को लोकसभा चुनाव से जोडकर देखा जा रहा है। नई टीम के जरिए जहां पार्टी ने सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश की है, वहीं इन नियुक्तियों को लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन से भी जोडकर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच संबंध बेहतर हुए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कई कार्यक्रम और बैठकों में एक साथ दिखाई दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर शीला दीक्षित के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना है। वर्ष 2014 के चुनाव में दिल्ली की सभी सात सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई नेता मानते हैं कि अगर आगामी लोकसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ीं, तो भाजपा को हराना मुश्किल होगा। ऐसे में पार्टी के अंदर बड़ा तबका आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की वकालत कर रहा है।

एक बार फिर शीला दीक्षित को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलिगेट एडवोकेट सरफराज अहमद सिद्दीकी ने कहा कि इससे समस्त दिल्लीवासियों में एक बेहतर संदेश जाएगा। जिस प्रकार से अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में उन्होंने विकास किया है, वह दिल्ली के इतिहास में स्मरणीय है। प्रदेश की 15 साल तसीएम रहने के साथ-साथ उनकी यह खूबी भी है कि वह सभी को साथ लेकर चल सकती हैं।

बताया जा रहा है कि शीला दीक्षित में एक साथ कई खूबियां हैं। वे पूर्वांचल की हैं और पंजाबी भी हैं, इसके साथ महिला और ब्राह्मण तो हैं हीं, इसलिए कांग्रेस आलाकमान ने उनके नाम पर सहमत बनाई है। माना जा रहा है कि इसका बड़ा लाभ 2019 लोकसभा चुनाव और फिर 2020 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी मिल सकता है। शीला दीक्षित 1984 से 1989 तक कन्नौज से सांसद रह चुकी हैं। वह 1998 से 2013 तक (लगातार 15 साल) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। हाल ही में अजय माकन ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

माकन ने शीला को बधाई देते हुए कहा, ‘शीला दीक्षित जी को पुन: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई व शुभकामनाएँ।” उन्होंने कहा, ‘उनके आधीन, मुझे संसदीय सचिव एवं कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करके सीखने का सुअवसर मिला था। मुझे विश्वास है कि शीला जी की अगुआई में हम, मोदी और केजरीवाल की सरकारों के विरोध में एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएँगे।’

 

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