धूम्रपान छुडवाने में असरदार है ई-सिगरेट

नई दिल्ली। एक अध्ययन का कहना है, ई-सिगरेट धूम्रपान छुडवाने में असरदार है। इंग्लैंड में एक साल तक चले एक परीक्षण से पता चला है कि ई-सिगरेट पैच या धूम्रपान बंद करने के लिए गम जैसे उत्पादों से लगभग दोगुना सफल रही थी। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य में सबसे अहम अनुत्तरित सवालों में से एक है: क्‍या ई-सिगरेट वाकई धूम्रपान छोड़ने में मदद करती हैं? न्‍यू इंग्‍लैंड जर्नल ऑफ मेडीसिन में प्रकाशित अध्‍ययन में पाया गया है कि धूम्रपान को छोड़ने के लिए पारम्‍परिक निकोटीन प्रतिस्‍थापन उत्‍पादों, जैसे पैच और गम की तुलना में ई-सिगरेट लगभग दोगुनी असरदार है।
सफलता की दर अभी भी कम थी — पारंपरिक निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग कर रहे लोगों के बीच 9.9 प्रतिशत की तुलना में ई-सिगरेट समूह के बीच 18 प्रतिशत – लेकिन तम्बाकू और निकोटीन का अध्ययन करने वाले कई शोधकर्ताओं ने कहा कि इसने उन्हें वह स्पष्ट सबूत दिया है जिसकी उन्‍हें तलाश थी।
यह अध्ययन ब्रिटेन में आयोजित किया गया था और ब्रिटेन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान और कैंसर अनुसंधान संस्थान द्वारा वित्तपोषण किया गया था। एक साल तक, इसमें ई-सिगरेट या पारंपरिक निकोटीन प्रतिस्थापन उपचारों का उपयोग करने के लिए बेतरतीब ढंग से समनुदिष्‍ट किए गए 886 धूम्रपानकर्ताओं को अनुकरण किया गया। दोनों समूहों ने कम से कम चार साप्ताहिक परामर्श सत्रों में भी भाग लिया था, जिसे सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है। डॉ नील एल बेनोविट्ज, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में नैदानिक औषध विज्ञान के प्रमुख, सैन फ्रांसिस्को, निकोटीन अवशोषण और तंबाकू से संबंधित बीमारियों के विशेषज्ञ, जो परियोजना में शामिल नहीं था, का कहना है, “यह एक लाभदायक अध्ययन है।” “यह इस क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”
यह क्‍लीनिकल परीक्षण मई 2015 से फरवरी 2018 तक चला था। चूँकि धूम्रपानकर्ताओं को क्‍लीनिकों में भर्ती किया था, इसलिए वह सिगरेट छोड़ने का मन पहले से बना चुके थे, एक ऐसी बात जो परिणामों को थोड़ा प्रभावित कर सकती है। सहभागी ठेठ तौर वार प्रौढ़ आयु के थे, एक दिन में आधी डिब्‍बी से लेकर एक डिब्‍बी पीते थे और धूम्रपान छोड़ने की पहले भी कोशिश कर चुके थे।
ई-सिगरेट के परीक्षण में शामिल इन व्‍यक्तियों को एक रिफिलेबल उपकरण और 18 मिलीग्राम प्रति मिलीलिटर के साथ तम्‍बाकू के स्‍वाद वाले निकोटीन ई-लिक्विड — इंग्‍लैंड में सबसे आम उत्‍पाद —के साथ एक स्‍टार्टर किट दी गई थी। सभी सहभागियों के पास असल जिंदगी के हालातों के लगभग अनुरूप होने के लिए अपने अध्‍ययन समूहों के अंदर वैयक्तिक छूट थी। जब वैपर्स निकोटीन लिक्विड की अपनी बोतल को खत्‍म कर लेते तब उवो कोई भी निकोटीन फ्लेवर और निकोटीन स्‍ट्रैंथ खरीद सकते थे।
निकोटीन प्रतिस्‍थापन चिकित्‍सा प्रयोग करने वाले लोग विभिन्न उत्‍पादों में से चुन सकते थे, जिसमें पैच, गम, लोजेन्‍गो और नासाल स्‍प्रे शामिल थे। उन्‍हें इनको मिलाने के लिए भी प्रोत्‍साहित किया गया था; अधिकांश ने ऐसा किया, ठेठ तौर पर पैच और एक मुखी चिकित्‍सा को चुना। चूँकि धूम्रपान से परहेज करने की स्‍वयं द्वारा दी गई सूचना को विश्‍वसनीय नहीं माना जाता है, इसलिए अनुसंधानकर्ताओं ने सहभागियों की सांस में कार्बन मोनोऑक्‍साइड का मात्रा नापी थी, जो अधिक परिशुद्ध प्रमाणन है। डॉ. मैसिएज गोनीविस्‍ज का, ब्रिटिश अध्‍ययन के सह-लेखक जो अब बफाले, न्‍यूयॉर्क में रोजवेल पार्क कम्‍प्रीहेन्सिव कैंसर सेन्‍टर में एक औषध विज्ञानी हैं, कहना था कि ई-सिगरेट की सफलता संभवत: कई कारकों के संयुक्‍त रूप को परिलक्षित करती है:उनका कहना था “यह सुपुर्दी की विधि, निकोटीन की मात्रा और उपयोगकर्ता के बर्ताव के बारे में है। ई-सिगरेट का यह फायदा है कि उपयोगकर्ता निर्णय लेता है कि कैसे और कब कश मारना है। निकोटीन प्रतिस्‍थापन चिकित्‍सा उत्‍पादों के निर्दिष्‍ट निर्देश हैं, जो अलग-अलग उत्‍पादों के लिए अलग-अलग हैं।” डॉ. बेनोविट्ज ने उल्‍लेख किया है कि ई-सिगरेट उपयोगकर्ताओं के बीच छोड़ने और अनुपालन की उच्‍च दर को अतिरिक्‍त रूप से समझाया सकता है क्‍योंकि इन व्‍यक्तियों ने दूसरे समूह के द्वारा उनके उत्‍पादों की तुलना में अपने उपकरण के साथ ज्‍यादा संतुष्टि जाहिर की है।

एडमिन

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