फेमिना ने वर्किंग मिलेनियल मदर पर जारी की एक रिसर्च रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत में महिलाओं के प्रमुख ब्रांड फेमिना को हमेशा से लेडीज की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए फाइनल डेस्टिनेशन के रूप में जाना जाता है। विशेषज्ञों ने भारतीय महिलाओं पर “ऑल अबाउट वीमन” शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है जिसमें मिलेनियल मदर्स पर फोकस किया गया है। फेमिना द्वारा जारी की गई इस रिसर्च रिपोर्ट में आधुनिक कामकाजी माताओं की जिंदगी का गहराई से विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में आधुनिक नौकरीपेशा माताओं के जीवन के कई पहलुओं, जैसे उपभोक्ता व्यवहार, जीवनशैली, आदतों, नया सामान खरीदने की ताकत और आपसी संबंधों समेत कई पक्षों की झलक पेश की गई है।

 

फेमिना की संपादक और चीफ कम्युनिटी ऑफीसर तान्या चैतन्य ने कहा, “60 वर्षों की समृद्ध विरासत के साथ फेमिना नामक महिलाओं की पत्रिका दशकों से अपने पाठकों को लीक से हटकर बोल्ड पाठ्य सामग्री देने के मामले में पथप्रदर्शक रही है। रिपोर्ट के नतीजों ने महिलाओं को पढ़ने के लिए दशकों से प्रदान की जा रही पाठ्य सामग्री के चयन की हमारी रणनीति की पुष्टि की है और उसे सही ठहराया है। इस रिपोर्ट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिलाओं को जितनी अच्छी तरह से हम जानते हैं, उतनी अच्छी तरह से कोई भी नहीं जानता।”

लीड कैंप वेंचर्स द्वार संचालित रिसर्च स्टडी और उसके नतीजे गहन मात्रात्मक और गुणात्मक शोध का नतीजा है। यह शोध कई महीनों तक देश के 10 बड़े शहरों या मेट्रो और छोटे शहरों में रहने वाली 1500 से ज्यादा शहरी महिलाओं पर किया गया। शोध के नतीजों ने भारतीय घरों में मातृत्व और अभिभावकों के बच्चों के पालन पोषण के बदलते तरीकों की झलक पेश की। इन विषयों को परिवार के प्रकार के आधार पर विभाजित किया गया। इसके बाद इन विषयों को कई अन्य तरीकों से वर्गीकृत किया गया। इस वर्गीकरण में कामकाजी और निजी जीवन में संतुलन बनाना, बच्चों को प्राथमिकता देना, पति–पत्नी के बीच संबंध, खुद की देखभाल और डिजिटल कॉन्टेंट की खपत जैसे विषयों को शामिल किया गया।

 

मिलेनियल वर्किंग मदर्स की जीवन शैली

 

आधुनिक नौकरीपेशा कामकाजी महिलाओं की लाइफस्टाइल के दिलचस्प उदाहरण पेश करते हुए रिपोर्ट में खुद की देखभाल के प्रति महिलाओं की बढ़ती दिलचस्पी को भी उभारा गया है। रिपोर्ट में मुख्य रूप से यह बताया गया है कि टाइम की कमी, बिजी शेड्यूल और थकाने वाले डेली रूटीन के बावजूद इन महिलाओं ने स्वस्थ खान-पान की आदतों से कोई समझौता नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार कामकाजी माताएं अपने और अपने परिवार की सेहत के प्रति काफी जागरूक हैं।

 

कामकाजी और निजी जीवन में संतुलन

दफ्तर की जिंदगी और व्यक्तिगत जीवन में तालमेल के सवाल पर शोध में शामिल महिलाओं ने बताया कि वह अपने परिवार और सहयोगियों की सक्रिय मदद से नौकरीपेशा और निजी जिंदगी में संतुलन बनाने में कामयाब हो पाई हैं।

 

बच्चे सबसे पहले हैं

इसके अलावा मिलेनियल नौकरीपेशा माताओं के लिए उनके बच्चे पहली प्राथमिकता है। अपनी व्यस्तता में से समय निकालकर आधुनिक दौर के माता-पिता यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई एक अभिभावक बच्चों की निगरानी के लिए उनके साथ हर समय मौजूद रहे।

 

 

 

टीम डिजिटल

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