एक बार फिर गुर्जरों के कारण प्रशासन का हालत खराब

दीप्ति 
जयपुर/नई दिल्ली। सवाईमाधोपुर जिले में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के मलारना डूंगर रेलवे ट्रैक पर कब्जा करने के बाद प्रदेशभर का गुर्जर समाज भी आंदोलन के साथ होने की रणनीति बनाने में जुट गया है। मलारना डूंगर में रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार को करीब 5 हजार गुर्जर आंदोलनकारियों के साथ आरक्षण आंदोलन के अगुआ कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने ट्रेक पर ही रात गुजारी। आसपास के 15 गांव के लोगों ने आंदोलनकारियों के लिए देवनारायण मंदिर पर भोजन की व्यवस्था की। कड़कड़ाती सर्दी के बीच आंदोलन कर रहे गुर्जरों ने अलाव का सहारा लेकर गीत गाते हुए रात गुजारी।
आज शनिवार को सुबह से ही दूरदराज से गांवों से गुर्जर समाज के लोगों का मलारना डूंगर पहुंचने का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि शनिवार को बड़ी तादाद में गुर्जर आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुचेंगे। इससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैंद्य इसके साथ ही प्रदेश के जयपुर-दिल्ली हाईवे, टोंक-जयपुर हाईवे, जयपुर-आगरा हाईवे तथा अजमेर-जयपुर हाईवे पर भी गुर्जर आंदोलनकारियों द्वारा जाम लगाने की संभावनाएं जताई जा रही है। हालांकि पुलिस-प्रशासन इसे लेकर काफी सतर्क नजर आ रहा है, लेकिन आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत गुर्जर समाज भी अब पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।
दौसा जिले की बात करें तो पूर्व में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन का यह जिला केंद्र रह चुका हैद्य जिले में बड़ी तादाद में हिंसात्मक घटनाएं भी पूर्व में हो चुकी हैं। 24 मई 2008 को सिकंदरा में गुर्जर समाज और पुलिस के बीच हुई फायरिंग में 23 लोगों की जानें जा चुकी हैं। फिर से दोसा का सिकंदरा चौराहा गुर्जर आंदोलन के लिए अहम माना जाता है। दौसा जिले के सिकंदरा में भी गुर्जर समाज के नेता आंदोलन को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
देर रात्रि में सिकंदरा चौराहे पर भी गुर्जर समाज के नेताओं की गुप्त बैठक में सिकंदरा के गुर्जर शहीद स्थल पर शनिवार को बैठक का आह्वान किया गया है। वहां अधिक से अधिक गुर्जर समाज के लोगों को जुटने का आह्वान किया गया हैद्य गुर्जर समाज के नेताओं द्वारा की गई गुप्त बैठक से यह बात बाहर जरूर आई कि दौसा जिले में किस तरीके का आंदोलन किया जाए। इसको लेकर शनिवार को सिकंदरा चौराहे पर स्थित गुर्जर शहीद स्थल पर आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। हालांकि 2 दिन पूर्व पुलिस अधिकारियों और गुर्जर समाज के नेताओं के बीच हुई बातचीत में गुर्जर समाज के नेताओं ने पुलिस के अधिकारियों को साफ चेताया था कि कर्नल बैंसला ने अगर आंदोलन की राह पकड़ी तो यहां का गुर्जर समाज भी कर्नल बैंसला के साथ जाएगा और आंदोलन में अपनी भागीदारी निभाएगा।
जिला कलेक्टर ने शनिवार और रविवार को अवकाश में भी कार्यालय खोलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अफसरों को अलर्ट पर रहने और अपना मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में सिकंदरा चौराहा गुर्जरों का केंद्र होने के चलते सिकराय एसडीएम मीनाक्षी मीणा ने उपखंड के पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की बैठक ली अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गुर्जर समाज द्वारा गुप्त रूप से की जाने वाली बैठकों पर निगाह रखी जाए। अब आंदोलन दौसा जिले में किस राह जाएगा, अभी यह तो कहना मुश्किल है, लेकिन गुर्जर समाज इस आंदोलन में कर्नल बैंसला के साथ अपनी भागीदारी निभाने की बात पहले ही कह चुका हैद्य
पूर्व में दौसा जिले में आंदोलन के दौरान जयपुर आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और जयपुर दिल्ली रेल मार्ग जाम किया जाता रहा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि दोनों ही रास्ते सुचारू रहें। हालांकि गुर्जर आरक्षण आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी जिलेभर में निगाह बनाये हुए हैं।

एडमिन

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