भाई भतीजावाद की लड़ाई कहां ?

नई दिल्ली। पहले राजनीति में भाई भतीजावाद का ज़ोरदार विरोध किया गया लेकिन मज़ेदार बात कि जिन लोगों ने इसका विरोध किया धीरे धीरे वे परिवार भी राजनीति के भाई भतीजावाद में फंस गये । हरियाणा में चौटाला परिवार इसका सर्वोत्तम उदाहरण माना जा सकता है । कांग्रेस से शुरू हुआ विरोध फिर अपनी पार्टी बना ली । बहुत नाम दिए । इनेलो के नाम पर राज भी किया लेकिन अब इसके दो टुकड़े हो चुके । एक इनेलो तो दूसरा टुकड़ा जजपा के नाम से सामने है । अजय चौटाला कह रहे हैं कि आने वाले समय में इनेलो इतिहास मात्र रह जायेगी और कहा जायेगा-एक थी इनेलो । बेटा दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री ।
अब देखिए जिस पार्टी को बनाने में खून पसीना बहाते रहे उसी पार्टी के बारे में कह रहे हैं कि एक थी इनेलो । दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व विधायक अभय चौटाला इनेलो में बसपा के कुछ नेताओं को शामिल कर दावा कर रहे हैं कि जजपा खत्म हो जायेगी जबकि हम फिर से ज़ोरदार वापसी करेंगे । वैसे चौटाला परिवार से बहुत लोग राजनीति में सक्रिय हैं । चौ रणजीत सिंह भाजपा , कांग्रेस के बाद निर्दलीय विधायक बने और मंत्री हैं ।
ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई भी डबवाली से कांग्रेस ईए विधायक बने । के डी सिंह के बेटे अमित सिहाग कांग्रेस से विधायक बने हैं । रवि चौटाला , आदित्य चौटाला, कर्ण चौटाला , दिग्विजय चौटाला कितने नाम हैं ।  हरियाणा में परिवारवाद भिवानी में भी रहा । चौ बंसीलाल , उनके पुत्र सुरेंद्र सिंह , रणबीर महेंद्रा , पुत्रवधु किरण चौधरी , पौत्री श्रुति चौधरी तक सब राजनीति में । हविपा बना कर भाजपा का साथ पाकर एक बार फिर मुख्यमंत्री बन गये थे चौ बंसीलाल लेकिन उनके परिवार को कांग्रेस ही रास आई और लौट आए । हिसार में चौ भजनलाल परिवार । बेटे चंद्रमोहन , कुलदीप विश्नोई, पुत्रवधु रेणुका विश्नोई और अब तो भव्य बिश्नोई भी । इन्होंने भी एक बार अलग से हरियाणा जनहित पार्टी बनाई और कांग्रेस को जी भर कर कोसा लेकिन वापसी कांग्रेस में ही हुई ।

रोहतक में चौ रणबीर सिंह , उनके पुत्र भूपेंद्र सिंह हुड्डा और बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा । कभी कांग्रेस का हाथ नहीं छोड़ा जबकि पिछले वर्ष हालात ऐसे बन गये थे कि कांग्रेस अब छोड़ी कि तब छोड़ी लेकिन वे बार बार कहते रहे कि नहीं । मेरे खून में कांग्रेस है । इस तरह कांग्रेस में ही बने रहे । अहीरवाल में राव इंद्रजीत यानी राव वीरेंद्र के बेटे । बेटी आरती को राजनीति में लांच नहीं कर पा रहे । चिरंजीव अभी कांग्रेस के विधायक बने हैं यानी लालू यादव के दामाद । पिताश्री छह बार लगातार विधायक बन कर रिकाॅर्ड बना चुके । कितने परिवार और राजनीति के रिकाॅर्ड । भाई भतीजावाद जिंदाबाद । चौ वीरेंद्र सिंह भी परिवारवाद में शामिल हो चुके । धर्मपत्नी प्रेमलता  विधायक रही और बेटा ब्रजेंद्र सिंह सांसद है । खुद अब लगभग संन्यास के करीब ।

पल ऐ भाई भतीजावाद जिंदाबाद ।

कमलेश भारतीय, वरिष्ठ पत्रकार  

टीम डिजिटल

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