आइसीएसआई का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकाॅर्ड में हुआ दर्ज

जयपुर। अपनी 50 वर्षों की यात्रा में एक अन्य ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित करते हुए भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आइसीएसआई) ने आज जयपुर में सबसे बड़े कराधान अभ्यास के लिये गिनीज वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाया है। इस प्रकार आइसीएसआई भारत का पहला पेशेवर संस्थान बन गया है, जिसने गिनीज वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाया है। यह रिकाॅर्ड ‘कराधान अभ्यास- भारत में कर पद्धति और अप्रत्यक्ष करों का जीएसटी में कन्वर्जेंस’ शीर्षक वाले एक बड़े आयोजन में हासिल किया गया। यह आयोजन जीएसटी और उसके बारीक पहलुओं के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिये किया गया था। इसमें जीएसटी अकाउंट्स असिस्टेंट कोर्स के लिये पंजीकरण शिविर भी शामिल था, जो कि आइसीएसआई द्वारा सभी विद्यार्थियों और लोगों के लिये निशुल्क प्रस्तुत किया जा रहा है।
आइसीएसआई के प्रेसिडेंट सीएस (डाॅ.) श्याम अग्रवाल ने कहा कि हमें यह घोषणा कर बहुत खुशी हो रही है कि आइसीएसआई ने गिनीज वल्र्ड रिकाॅर्ड बनाकर एक अन्य बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस प्रकार भारतीय कंपनी सचिव संस्थान गिनीज वल्र्ड रिकाॅर्ड बनाने वाला पहला भारतीय पेशेवर संस्थान बन गया है। संस्थान के स्वर्ण जयंती वर्ष उत्सव के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कहे गये स्वर्णिम शब्द संस्थान के प्रत्येक विद्यार्थी, सदस्य और कर्मचारी के लिये ब्रह्मवाक्य हैं। प्रधानमंत्री की इच्छा के अनुसार इस संस्थान ने जीएसटी के विषय में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करने के लिये कई कदम उठाए हैं।
बता दंे कि जीएसटी पर इस बड़े कार्यक्रम में सबसे बड़े कराधान अभ्यास के लिये 3738 लोगों ने पंजीकरण कराया और इस तरह, आइसीएसआइ ने गिनीज वल्र्ड रिकाॅर्ड बनाया। उपस्थित महानुभावों में सम्मानित अतिथियों के तौर पर जयपुर नगर निगम के महापौर श्री अशोक लोहाटी और सरकार द्वारा नामित तथा आइसीएसआई के समिति सदस्य सीएस गोपाल कृष्ण अग्रवाल उपस्थित हुए। डाॅ. अग्रवाल ने आइसीएसआई के स्वर्ण जयंती मंच से राष्ट्र के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस संदेश पर दोबारा जोर दिया, जिसमें उन्होंने यह इच्छा जताई थी कि आइसीएसआई को जीएसटी के लाभों के प्रति जागरूकता फैलाने में मदद करनी चाहिये। इसे देश में चारों ओर प्रचारित करना चाहिये और ऐसे पेशेवर विकसित करने चाहिये, जो जीएसटी में सहयोग कर सकें। श्री मोदी की इच्छा थी कि आइसीएसआई को एक लाख से अधिक विद्यार्थियों और जनता को जीएसटी की शिक्षा देनी चाहिये।

सरकार द्वारा नामित और आइसीएसआई के समिति सदस्य सीएस गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘4 अक्टूबर, 2017 को विज्ञान भवन में आइसीएसआई के स्वर्ण जयंती वर्ष उत्सव का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो शब्द कहे थे, उन्हें ध्यान में रखते हुए काॅर्पोरेट क्षेत्र में अनुपालन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने और उसे बरकरार रखने के लिए कंपनी सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण बन गई है।’’

टीम डिजिटल

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