अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में मनाया गया बिहार दिवस

नई दिल्ली। आज भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2017, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में बिहार दिवस का आयोजन किया गया। उद्योग मंत्री, बिहार सरकार श्री जय कुमार सिंह ने इसका उद्घाटन किया, बिहार मंडप के उद्घाटन के पश्चात माननीय मंत्री श्री सिंह ने हैंगर-2 स्थित सभी स्टाॅलों पर जाकर बिहार के सभी स्टार्ट-अप और कला-संस्कृति को देखा। इसके बाद उन्होंने हाॅल नं0-07 में सूचना एंव जन-सम्पर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधान सचिव, उद्योग विभाग श्री एस. सिद्वार्थ, स्थानिक आयुक्त, बिहार श्री विपिन कुमार, अपर स्थानिक आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह सहित अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बिहार सरकार के उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के लगभग 74 प्रतिशत लोग आजीविका के लिए कृषि-कार्य पर निर्भर है। कृषि के बाद उद्योग ऐसा दूसरा क्षेत्र है, जिसके माध्यम से राज्य में बेरोजगारी की समस्या का हल और तेजी से आर्थित विकास संभव है। इसलिए हमने उद्योगों की स्थापना हेतु प्रत्येक स्तर पर निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की है। राज्य का हर युवा उद्यमी बने, सरकार का यह प्रयास है। राज्य में फल सब्जी एवं अनाज का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता हैं, लेकिन इस प्रक्षेत्र में कोई निवेश नहीं आ जा रहा है। इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला प्रगति मैदान में 14-27 नवम्बर 2017 का आयोजन हुआ है। प्रगति मैदान के बिहार पेविलियन में 18 स्टाॅल लगे हुए है जिसमें आठ स्टाॅल बिहार स्र्टाट-अप का लगा हुआ है तथा आठ स्टाॅल बिहार के हैण्डीक्राफ्ट एवं हैण्डलूम के लगे हुए है। पेविलियन में सिक्कीग्रास, मूर्तिकला का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। राज्य में हैण्डीक्राफ्ट की बढावा देने हेतु उपेन्द्र महारथी संस्थान इसमें अग्रसर है। नये-नये तकनीक आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम किये जा रहे है। राज्य के बुनकरों को सीधे सूत की आपूर्ति किये जाने की व्यवस्था की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि बिहार का कुल जनसंख्या का एक अच्छा खासा हिस्सा युवाओं का है। बिहार में प्रचुर संसाधन है और यहाँ के युवाओं में वह प्रतिभा है, जो किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सके। इसे मद्दे नजर हमने बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2017 को मंजूरी दी है। यह नीति राज्य के समावेशी विकास के लिए अनुकूल स्टार्ट-अप परिस्थिति तैयार करेगी, जिससे युवाओं का सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में बिहार उभरेगा, जहाँ सभी संभावित क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ढा़ँचे का विकास होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए बिहार सरकार द्वारा प्रारम्भिक काॅरपस के रूप में पाँच सौ करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। युवा उद्यमियों के प्रारंभिक कार्य-कलाप पर होने वाले व्यय, शोध, कौशल प्रशिक्षण विपणन सहायता के रूप में प्रत्येक स्टार्ट-अप को दस लाख रूपये तक की बीज अनुदान प्रदान की जायेगी। स्टार्ट-अप के तहत निरीक्षण हेतु पाँच वर्षों के लिए छुट दी गई है।मंत्री ने कहा कि मैं दुहराना चाहूँगा कि बिहार में औद्योगिक निवेश हेतु अनुकूल वातावरण बना है। आधारभूत संरचना जैसे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी आवश्यक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। हमने कानून का राज स्थापित किया है। उद्यमियों में सुरक्षा की भावना पैदा की है। मैं बिहार के औद्योगिक विकास में सहभागी बनने के लिए आप सबको कृषि, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, चर्म उद्योग, स्वास्थ्य, गैर परम्परागत ऊर्जा, प्लास्टिक एवं रबर उद्योग, तकनीकी शिक्षा एवं सूचना प्रावेधिकी उद्योग इत्यादि के प्रक्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता हूँ। बिहार एक बड़ा बाजार है तथा मानव शक्ति से भरपूर है। बिहार को औद्योगिक शीर्ष पर पहुँचाने का इससे बढ़ियाँ अवसर हमारे पास दूसरा नहीं हो सकता है। इसी प्रयास में भारत सरकार एवं बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा संयुक्त प्रयास से आई0टी0 सेक्टर में निवेशकों को आकर्षित करने हेतु एक इन्वेस्टर काॅन्क्लेव का आयोजन किया गया है जिससे आई0टी0 सेक्टर की मल्टी नेशनल कंपनियों को अपना उद्यम स्थापित करने हेतु आमंत्रित किया जा सके।

दीप्ति अंगरीश

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