सुंदरता बढ़ाता है योग – शहनाज हुसैन

 

 


नई दिल्ली। योग के लगातार अभ्यास से त्वचा व शरीर में यौवन को दीर्घ कालीन तौर पर बनाए रखने में मदद मिलती है। योगासन से रीढ़ की हड्डी तथा जोड़ों को लचकदार बनाया रखा जा सकता है। जिससे शरीर लंबे समय तक लचीला व आकर्षक बनता है। योग से शरीर के भार को कम करने में भी मदद मिलती है। इससे मांसपेशियां नरम व मुलायम हो जाती है। योगा से थकान से मुक्ति मिलती है, शरीर में उर्जा का प्रभावी संचार होता है सूर्यानमस्कार आसन से पूरे शरीर में नवयौवन का संचार होता है। चेहरे की झुर्रियों से मुक्ति पाने के लिए सूर्यानमस्कार तथा प्राणायाम दोनों प्रभावी आसन है।

योग से मानसिक व शारीरिक दोनों को प्रचुर लाभ मिलता है। इससे न केवल सभी मांसपेशियों को फायदा होता है बल्कि इससे प्राण शक्ति बढ़ती है तथा आन्तरिक अंगों की रंगत में निखार आता है। इससे नाड़ी तंत्र को स्थिर रखने में मदद मिलती है। इससे तनाव को कम करने तथा मानसिक संतुलन में भी लाभ मिलता है। योग प्राचीन भारतीय विद्या है। इसके निरंतर अभ्यास से संयमित व्यक्तित्व तथा वृद्वावस्था की भाव मुद्राओं को रोकने में मदद मिलती है। योग का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे सांसों पर नियन्त्रण रहता है। योगाभ्यास के दौरान सांस खींचने तथा सांस बाहर निकलाने की उचित विधि से शवास को संयमित करने में मदद मिलती है जिससे शरीर में आॅक्सीजन को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होती है। योग से शारीरिक तथा मानसिक उल्लास की असीम अनुभूति प्राप्त होती है।

 

योग से सुंदरता

 

  • योग के माध्यम से शरीर के विषैले तत्व त्वचा के माध्यम से बाहर आते है।
  • रक्त संचित त्वचा के मामले में योग सबसे ज्यादा लाभदायक सिद्ध होते है। इससे त्वचा में रंगत तथा स्फूर्ति आ जाती है।
  • योग से सौंदर्य में व्यापक निखार आता है। यह त्वचा को ताजा तथा बीमारियों से पूरी तरह मुक्त रखती है।
  • योग से सिर की खाल तथा बालों के कोश में रक्त संचार तथा आक्सीजन का व्यापक निरंतर प्रवाह होता है। इससे बालों के रक्त संचार को पोष्टिक तत्व पहुंचाने में काफी मदद मिलती है जिससे बालो की वृद्धि तथा सिर की खाल को स्वास्थ्य रखने में बहुत मदद मिलती है।
  • जब हम सौंदर्य की बात करते है तो हम केवल बाहरी चेहरे की सौंदर्य की ही बात नहीं करते बल्कि इसमें आंतरिक सूरत भी शामिल होती है जिसमें लचकपन, हाव.भाव तथा शारीरिक आर्कषण होना नितान्त आवश्यक होता है।
  • योग से शरीर के हर टिशू को आॅक्सीजन प्राप्त होती है जिसे शरीर में सौंदर्य तथा स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
  • योग आसनों से रीढ़ की हड्डी तथा हड्यिों के जोड़ों को लचकदार एवं कोमल बनाने में मदद मिलती है। इससे शरीर सुदृढ़ तथा फुर्तीला बनता है। मांसपेशियों में रंगत आती है, रक्त संचार में सुधार होता है, प्राण शक्ति का प्रवाह होता है औैर सौंदर्य एवं अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
  • योग से तनाव को कम करने तथा स्वछन्द मानसिक उन्मुक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है तथा इससे तनाव से जुड़ी सौंदर्य समस्याओं को निजात प्रदान करने में मदद मिलती है।
  • योग के लगातार अभ्यास से कील मुंहासें, बालों के झड़ने की समस्याएं,सिर की रूसी आदि समस्याओं का स्थाई उपचार मिलता है।
  • नियमित रूप से योग तनाव से मुक्ति प्रदान करता है। जिससे त्वचा पर रंगत वापिस आ जाती है।
  • वास्तव में योग से बाहरी शारीरिक सौंदर्य को निखारने तथा संवारने में काफी मदद मिलती है।
  • योग से बाहरी शारीरिक सौंदर्य को निखारने तथा संवारने में काफी मदद मिलती है।
  • योगाभ्यास क्रोध पर नियंत्रण रखने में अहम भूमिका निभाता है।

 


इनपुट्स – शहनाज हुसैन, लेखिका अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

टीम डिजिटल

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