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महिन्द्रा ने माई एग्री गुरु 2.0 लॉन्च किया

तकनीकी रूप से उन्नत महिन्द्रा ऐप का नया वर्जन किसानों के लिए डिजिटल एडवाइजरी प्लैटफॉर्म है

नई दिल्ली। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी महिन्द्रा एग्री साॅल्यूशंस लिमिटेड (एमएएसएल) ने किसानों के लिए माई एग्री गुरु 2.0 को लाॅन्च किये जाने की घोषणा की है। इस लोकप्रिय ऐप का नया वर्जन तकनीकी रूप से उन्नत है और किसानों के लिए डिजिटल एडवाइजरी प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है। ऐप के नए वर्जन में ऐडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पर्सनलाइज्ड यूजर अनुभव देने का प्रयास किया गया है। इसे एक ऐडवांस सोल्यूशन, जो चैटबॉट का इस्तेमाल करती है, के माध्यम से बढ़ावा दिया गया है। अपनी इन विशेषताओं के कारण एग्री गुरु को इसके मूल वर्जन का अपग्रेडेशन कहा जाता है:

निजीकरण

इस ऐप को अब प्रत्येक यूजर के लिये उनके भौगोलिक क्षेत्र एवं उनके द्वारा उगाई जाने वाली फसलों के आधार पर कस्टमाइज किया जा सकेगा। ऐप के इंटरफेस को यूजर की प्रोफाइल के आधार पर ही डिजाइन किया जायेगा, जिससे किसानों को उनकी जरूरत की सभी जानकारी उपलब्ध होगी। इस तरह किसानों को ऐप से जोड़ने के लिये एक सुविधाजनक और सहज ज्ञान युक्त मंच का निर्माण हो रहा है।

चैट बोट

चैटबोट एक अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से तैयार किया गया उपकरण है। इसमें आवाज को पहचानने और मशीन लर्निंग की क्षमता है। इस मशीन से किसानों को अपनी समस्या के समाधान तुरंत मिल जाते हैं। इससे किसानों की समस्याओं को दूर करने में काफी कम समय लगता है, जिससे यह ऐप बेहद प्रभावशाली बन गया है। ऐप की होम स्क्रीन पर जाकर ‘आस्क मी‘ आइकन के माध्यम से इस सर्विस का लाभ उठाया जा सकता है। किसान या तो टाइपिंग या सवाल पूछकर बोट से बातचीत कर कर पाएंगे। इस समय बोट को गन्ने की खेती से संबंधित सवालों के जवाब देने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
महिन्द्रा एग्री साॅल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ अशोक शर्मा ने माई एग्री गुरु 2.0 के लाॅन्च के अवसर पर कहा, “माई एग्री गुरु 2.0 फसलों की उत्पादकता में सुधार सुनिश्चित करने के लिए किसानों को निजी सलाह देने वाली सेवा है। माई एग्री गुरु ने अब तक 4ए00ए000 से ज्यादा किसानों तक पहुंच स्थापित की है। ऐप के सबसे लोकप्रिय सेक्शन एग्री बज में अब तक 55ए000 से अधिक संवाद दर्ज किये गये हैं। इस तरह यह अब तक देश भर में काफी तेजी से बढ़ती हुई एग्री एडवाइजरी ऐप बन गया है।“ किसानों को इस ऐप से जुड़ने में और मदद उपलब्ध कराने के लिए हमने आवाज आधारित एग्री एडवाइजरी चैटबोट विकसित किया है। इस ऐप की आवाज को पहचानने और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से किसानों के सवालों के जवाब तुरंत मिल जाते हैं। ऐप से किसानों को मंडी में चल रहे दामों की जानकारी मिलती है, जिससे उन्हें पता चलता है कि किस मंडी में वह अपनी फसल बेचकर ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकते हैं।

श्री शर्मा ने कहा, ‘‘माई एग्री गुरु 2.0 कृषि क्षेत्र में सबसे उन्नत तकनीकी समाधान को पेश करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम मानते हैं कि ये ऐसे उपकरण फार्मिंग 3.0 के नए युग का श्रीगणेश करने में हमारी मदद करेंगे, जिससे डिलिवरिग फार्म टेक प्रॉसपैरिटी (समृद्धिशील कृषि तकनीक प्रदान करना) के हमारे विजन की तर्ज पर फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।
असल में, फरवरी 2017 में लॉन्च किया गया माई एग्री गुरु भारत का पहला समग्र डिजिटल ऐडवाइजरी प्लेटफॉर्म हैं, जो किसानों और विशेषज्ञों के बीच दोतरफा संवाद उपलब्ध कराता है। किसी दूसरे ऐप्स की तुलना में माई एग्री गुरु यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को उनकी समस्या का सामाधान तुरंत मिल जाए। माई एग्री गुरु को दूसरे ऐप से अलग करने वाला एक पहलू यह भी है कि इसमें मांग के आधार पर कंटेंट जेनरेट होता है। ऐप यूजर कम्युनिटी के बीच रोजाना होने वाले अनगिनत विचार-विमर्श का विश्लेषण कर दिलचस्पी के विषय तो पहचानता है और किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान सुनिश्चित करता है। माई एग्री गुरु 2.0 ऐप एंड्रॉयड फोन पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस समय अंग्रेजी और हिंदी में मौजूद यह ऐप जल्द ही मराठी में उपलब्ध होगा।

दीप्ति अंगरीश

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