मैथिली मे रचित नचारी संग्रह ‘नचारीमणि’ का लोकार्पण


दरभंगा। मैथिली के चर्चित साहित्यकार, आकाशवाणी दरभंगा के संवाददाता एवं भारत निर्वाचन आयोग के दरभंगा जिला आइकॉन मणिकांत झा द्वारा मणिश्रृंखला अंतर्गत हिन्दी सिनेमा के सदाबहार गीतों की तर्ज पर मैथिली में रचित नचारी संग्रह ‘नचारीमणि’ का लोकार्पण सोमवार को माँ श्यामा केर दरबार में पं विष्णु देव झा विकल, चौधरी हेमचन्द्र राय, हीरा कुमार झा, एडीएन सिंह, डाॅ जितेन्द्र नारायण, राजेश सिंह ठाकुर, प्रो जीवकांत मिश्र, प्रो विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, राम कुमार झा, राजीव मिश्र, जेपी मिश्र, स्वर्णिम किरण झा आदि के कर-कमलों से किया गया।

लोकार्पण समारोह में चौधरी हेमचन्द्र राय ने कहा कि सावन में शिव पूजा अत्यंत प्रशस्त है। हिंदू धर्म की सभी जाति के लोगों में शिव आराधना के प्रति हमेशा से काफी आकर्षण रहता आया है। अपने संबोधन में उन्होंने मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार मणिकांत झा द्वारा मैथिली में रचित नचारी संग्रह नचारीमणि को मिथिला में शिव पूजन की संस्कृति का संवाहक बताया।

लोकार्पण समारोह में अपने विचार रखते हुए जितेन्द्र नारायण ने कहा की सावन के पावन तीसरे सोमवार को केदारमणि के प्रकाशन से देवघर तक पैदल यात्रा करने वाले मिथिला के लाखों कावड़ियों सहित आम मिथिला वासी को एक अनुपम उपहार मिल गया है। प्रो जीवकांत मिश्र ने उम्मीद जाहिर की कि मणिकांत रचित नचारी की गूंज संपूर्ण मिथिला में गुंजेगी। नचारीमणि के प्रकाशक एवं महत्मा गांधी शिक्षण संस्थान के चेयरमैन हीरा कुमार झा ने कहा कि मणि शृंखला के अंतर्गत मैथिली में प्रकाशित पुस्तकों ने शुरू से ही इस मिथक को तोड़ने का काम किया है कि मैथिली साहित्य के खरीददार नहीं है। मणिश्रृंखला की 23वीं पुस्तक नचारीमणि के लोकार्पण के दिन ही साठ फीसदी से अधिक  पुस्तकों का बिकना एक रिकार्ड है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार पं विष्णु देव झा विकल ने कहा कि मिथिलाि में देवों के देव महादेव की मोक्ष प्रदान करने वाले विशिष्ट देवता के रूप में मान्यता है।  यही कारण है कि विद्यापति की महेशवाणी और नचारी को यहां काफी प्रसिद्धि मिली है। अपने संबोधन में उन्होंने मणिकांत झा की इस रचना संग्रह को मैथिली भक्ति साहित्य जगत को मजबूती प्रदान करने वाला बताया।

मैथिली साहित्य जगत के हास्य सम्राट डॉ जयप्रकाश चौधरी जनक के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में नचारीमणि से अनेक प्रस्तुतियां दी गई । कार्यक्रम में मैथिल युवा दिलों की धड़कन गायक माधव राय, आकाशवाणी दरभंगा के कलाकार दीपक कुमार झा, केदारनाथ कुमर,  जानकी ठाकुर डॉ सुषमा झा एवं नीरज कुमार झा हृतिक राज, गजेन्द्र झा आदि ने नचारीमणि से अनेक भक्तिमय गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी। वहीं, तबला पर गौरी कांत झा, नाल पर अर्जुन झा एवं इलेक्ट्रॉनिक कैसियो पर अशोक कुमार झा ने अपनी बेहतर संगति दी। लोकार्पण समारोह में नीलम झा, मंजू झा, कल्पना झा, डॉ हरेकृष्ण झा, पीताम्बर झा, प्रवीण कुमार झा, संतोष कुमार झा, नीतीश कश्यप आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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