पेनांग आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा : येओ सून हिन

नई दिल्ली। अपने देश की कला-संस्कृति और व्यापार एवम् आपसी सम्बंधों के चलते विश्वभर से सैलानियों का आना जाना भारत में होता है, जिसके चलते बहुत सारी नयी योजनायें, सम्भानायें और अवसर एक-दूसरे के लिए खुलते हैं। केवल विदेशी सैलानियों ने ही नहीं वरन् भारतीय पर्यटकों व व्यवसायी ने विदेशों में शानदार पर्यटन के लिए रूख करने के साथ-साथ व्यापार को भी महत्व दिया है। ऐसे ही कई पर्यटन प्रांतों में से एक है पेनांग। मलेशिया के उत्तरपश्चिम में स्थित पेनांग एक प्रांत है, जो एक समय ब्रिटिश कालोनी का हिस्सा था लेकिन अब स्वतंत्र होने के साथ आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हुआ है और हजारों की संख्या में भारतीय पर्यटक पेनांग जाते हैं।
वर्ष 2018 में जनवरी से नवम्बर के बीच लगभग 7250 भारतीय पर्यटकों ने पेनांग यात्रा कि जो कि 2017 में लगभग 6569 थी। भारतीय पर्यटकों की संख्या में हो रहे लगातार इजाफे ने पेनांग को बतौर पर्यटन ही नहीं वरन् बिजनेस स्थल के रूप में उभारा है। जिसके चलते मलेशिया के पेनांग के द पेनांग कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन ब्यूरो (पीसीईबी) के नेतृत्व में कॉर्पोरेट एवम् एसोसिएशन की बैठकों, सम्मेलनों व इन्सेंटिव और छुट्टियों मनाने के लिए पेनांग को पसंदीदा गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने के मकसद से 13 सदस्यों का प्रतिनिधि दल भारत पहुंचा और देश के विभिन्न राज्यों में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। भारत में दूसरे सेल्स मिशन के तौर पर दिल्ली पहुंचे इस प्रतिनिधि दल ने साकेत स्थित एक पंचतारा होटल में प्रेसमीट का आयोजन किया, जिसे पेनांग के पर्यटन विकास, विरासत, कला एवं संस्कृति मंत्री येओ सून हिन, पीसीईबी के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी अश्विन गुणासेकरन और पेनांग स्टेट लेजिस्लेटिव असेमब्लियन सतीस मुनियंदी ने सम्बोधित किया।

येओ सून हिन ने कहा “भारत और पेनांग के बीच सीधी उडा़न सेवा नहीं है। वहां बैंकॉक, कुआलालम्पुर या फिर सिंगापुर के रास्ते पहुंचा जा सकता है लेकिन इसके बावजूद पेनांग पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो काफी सकारात्मक पहलू है।“ उन्होंने कहा कि वह पेनांग तथा भारत के बीच सीधी उड़ान के लिए दोनों देशों की सरकारों से बातचीत का प्रयास करेंगे क्योंकि पेनांग बीते कुछ सालों में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र ही नहीं बल्कि एक विशाल बिजनेस केंद्र के रूप में भी उभरा है। भारत को पेनांग से सीधे जोड़ने का दोतरफा असर होगा क्योंकि बड़ी संख्या में पेनांग निवासियों सहित मलेशियाई हर साल भारत भ्रमण करते हैं।

हिन ने कहा, “पेनांग बहुसंस्कृति और बहुधार्मिक शहर है। यहां चीन, कोरिया, भारत और यूरोपीय देशों के लोग भी रहते हैं। सब काफी मिल-जुल कर रहते हैं और इसी कारण पेनांग की प्रति व्यक्ति आय मलेशिया में पांचवें स्थान पर है और इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। हम चाहते हैं कि दुनिया और भारत के लोग सीधे पेनांग पहुंचें और यहां की आर्थिक समृद्धि तथा सांस्कृतिक विरासत को जानें तथा पहचानें। इससे पेनांग को विश्व पटल पर स्थापित करने में मदद मिलेगी।“

मौके पर अश्विन गुणासेकरन ने बताया कि भारतीय लोगों द्वारा पेनांग को पसंद किया जा रहा है। “पिछले दो वर्षो में हमने यहां अच्छा उत्साह देखा है। 2017 में, एशिया प्रशांत क्षेत्र के 13 फीसदी बिजनेस इवेंट्स भारत से थे, जिससे 4.6 करोड़ डॉलर की आय हुई थी। वहीं 2018 में, पेनांग के सबसे बड़े बिजनेस इवेंट वी कॉन 2018 में दुनियाभर से 16,000 प्रतिनिधि आए, जिनमें से 80 फीसदी प्रतिनिधि भारत से थे।“
उल्लेखनीय है कि पेनांग विश्वस्तरीय टूरिस्ट आकर्षण है, जो आधुनिक अंतरराष्ट्रीय द्वीप शहर, यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल, हरे-भरे वर्षावनों, सुंदर हिल स्टेशन, शानदार खरीदारी और शानदार भोजन की अपनी अद्वितीय पेशकश के लिए प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त, यह उत्तरी मलेशियाई राज्य एक बिजनेस इवेंट्स डेस्टिनेशन भी है। पेनांग आईसीसीए (अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस और कन्वेंशन एसोसिएशन) में मलेशिया में दूसरे स्थान पर है।

पीसीईबी ने भारत के लिए विशेष रूप से नया समर्थन पैकेज पेश किया है, इसके अतिरिक्त पिछले वर्ष भारतीय मीडिया में शानदार कवरेज को देखते हुए पेनांग सेल्स मिशन ने भारत के लिए मीडिया अवार्ड 2019 शुरू किया है। पीसीईबी ने ग्लोबल पनोरमा शोकेस के एडविन एजुकेशन प्रोग्राम की मेजबानी का ठेका लिया है। पूर्व में सितंबर 2018 में आयोजित पेनांग इंटरेनशनल ट्रेवल एक्सचेंज में 120 भारतीय प्रतिनिधियों की मेजबानी भी पीसीईबी ने की।

टीम डिजिटल

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