परिवहन का नया युग देश में औद्योगिक विकास को प्रोत्‍साहन देगा

नई दिल्ली। केंद्रीय जहाज रानी, सड़क परिवहन व राजमार्ग, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने वाइजेक पोर्ट से तटीय समुद्र रास्‍ते से अहमदाबाद मुम्‍बई व कोच्चि जाने वाले 230,000 टन स्‍टील कार्गो का डिजिटल शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री महोदय ने कहा कि राष्‍ट्रीय इस्‍पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) अब तक सड़क और रेल परिवहन के माध्‍यम से 22 स्‍टॉक यार्ड को अपना उत्‍पाद भेज रहा था। तटीय समुद्र रास्‍ते से अब प्रतिवर्ष रेलमार्ग की तुलना में 380 मिलियन टन किलोमीटर की बचत होगी। इससे परिवहन खर्च में कमी आयेगी। यह महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि आरआईएनएल ने अपनी उत्‍पादन क्षमता दोगुनी (6.3 मिलियन टन) कर ली है। मंत्री महोदय ने कहा कि सभी उत्‍पादकों को तटीय समुद्र रास्‍ते का उपयोग करना चाहिए। आरआईएनएल पोर्ट के समीप स्थित है। इसने विशाखापत्‍तनम से अहमदाबाद, मुम्‍बई और कोच्चि स्थित अपने यार्डों में स्‍टील भेजने के लिए एक वर्ष का समझौता किया है। 75 करोड़ रूपये का यह समझौता श्रेयस शिपिंग के साथ हुआ है जो दुबई के ट्रांस वर्ल्‍ड ग्रुप का सदस्‍य है।
समुद्र के जरिए परिवहन के कई फायदे हैं। इसमें खर्च कम होता है, यह प्रदूषण कम करता है और बड़ी मात्रा में उत्‍पाद ले जाया जा सकता है। सागरमाला परियोजना के तहत भारतीय पोर्टो का आधुनिकिकरण किया जा रहा है ताकि ये पोर्ट आर्थिक विकास को गति प्रदान कर सके। चीन और नीदरलैंड में कुल परिवहन का 24 प्रतिशत समुद्र के जरिए होता है। सागरमाला परियोजना के तहत कुल परिवहन के 6 प्रतिशत को बढ़ाकर 2025 तक 12 प्रतिशत का लक्ष्‍य रखा गया है। श्री गडकरी ने कहा कि नये युग का यह परिवहन अर्थव्‍यवस्‍था व औद्योगिक उत्‍पादन को प्रोत्‍साहन प्रदान करेगा, रोजगार के अवसर सृजित करेगा और देश की जीडीपी को बढ़ायेगा।
केन्‍द्रीय स्‍टील मंत्री चौधरी वीरेन्‍द्र सिंह वाइजेक पोर्ट पर उपस्थित थे। उन्‍होंने स्‍टील उद्योग की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए जहाज रानी मंत्रालय द्वारा जल मार्ग के विकास करने की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि पोर्टो के विकास से स्‍टील उद्योग को अत्‍यधिक सहायता मिलेगी।

 

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