यह राजस्थान कांग्रेस आईपीएल है

नई दिल्ली। आईपीएल तो अभी दूर हैं लेकिन आईपीएल के बराबर मज़ा देता राजस्थान कांग्रेस बनाम राज्यपाल मैच बहुत रोमांचक रहा । कौन जीता, कौन हारा , यह तो रेफरी फैसला नहीं कर पाये लेकिन दिन भर आंखें टी वी स्क्रीन पर लगी रहीं । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा सत्र बुलाना चाहते हैं और राज्यपाल कलराज मिश्र अभी कानून की कलायें देख रहे हैं । गहलोत कहते हैं कि यह हमारा संवैधानिक अधिकार है तो राज्यपाल की ओर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कह रहे हैं कि आप उनका हाथ पकड़ कर विधानसभा सत्र बुलाने की तारीख नहीं लिखवा सकते ।

उधर राज्यपाल सत्र बुलाने की वजह यानी एजेंडा न लिखा होने की बात उठाते हैं । किसलिए ? कोरोना के दिनों में सत्र किसलिए ? मध्य प्रदेश में कांग्रेस के स्पीकर की यही वजह नहीं मानी गयी थी क्योंकि कमलनाथ की सरकार गिरानी थी । अब इसलिए कोरोना ताकि सचिन पायलट को विधायक जुटाने में कुछ और दिन मिल सकें । कानून एक लेकिन नज़रिये अनेक । एक तरफ जल्दबाजी तो दूसरी तरफ सुरक्षात्मक खेल । अशोक गहलोत ने एक सौ दो विधायकों की परेड करवा दी और दिखा दिया बहुमत पर यह मान्य नहीं  होगा क्योंकि यह राज्यपाल के बड़े  लाॅन में किया गया, विधानसभा में नहीं यानी यह फ्लोर टेस्ट नहीं माना जायेगा ।

विशेषज्ञ कह रहे हैं कि सचिन के गुट के विधायकों को अयोग्य करार देने की चाल है यह विधानसभा सत्र । भाजपा को इंतजार है तीस विधायक एक साथ जुटा लेने का । गेम चालू आहे । गहलोत ने कहा कि अभी तो हम विधायक ही आए हैं यदि कल जनता घेराव करने आ गयी तो ? राज्यपाल पूछते हैं कि मेरी सुरक्षा का जिम्मा किस पर ? भाजपा नेता कहते हैं कि राजस्थान पुलिस पर भरोसा कैसे किया जा सकता है ? कोई रेपिड एक्शन फोर्स बुलाइए । राज्यपाल बेगाने परदेस में हैं । बड़ी सांसत में जान है । महामहिम को लोग टीवी बहस में राष्ट्रपति का प्रतिनिधि नहीं बल्कि सत्ताधारी धहदल का एजेंट कह रहे हैं । यह बहुत गलत है  कुछ तो इस पद की गरिमा रखिए ।

राज्यपाल महोदय ने लाॅन में बैठे विधायकों के लिए पानी की बोतलें भिजवाईं और विधायक विरोध में और ज़ोर से नारेबाजी करने लगे । आखिर नौ बजे कुछ हिदायतें दी गयीं गहलोत को तो वे लोग रवाना हुए । विधायक कह रहे थे कि रिसोर्ट में मुगल ए आजम देखते और अंताक्षरी खेलते बहुत बोर हो चुके थे । आज कसम से बहुत मज़ा आया । नये माहौल में हम तो रात भी काट लेते । ज्यादा आराम भी किस काम का ? लेकिन

रणदीप सुरजेवाला मना मुना कर रिसोर्ट वापस ले आए । फिर जो विधायक दल की बैठक में होना था वह कुछ नहीं हुआ । खिलाड़ी दोनों ओर के थक गये थे । रात भी बहुत हो गयी थी । सभी आराम फरमाने चले गये और सपनों मेद गहलोत सचिन को तो सचिन गहलोत को आउट करते रहे । यानी कल की रणनीति बनाते रहे । मज़ेदार आईपीएल है न ? आज भी देखिएगा । बिना टिकट का शो । अभी चलेगा ।


कमलेश भारतीय, वरिष्ठ पत्रकार 

टीम डिजिटल

Related Posts

leave a comment

Create Account



Log In Your Account