क्या मतदान से पहले राजकुमार ने दिया शीला दीक्षित को झटका ?

नई दिल्ली। कभी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में शुमार राजकुमार चैहान ने मतदान से एक दिन पहले ही भाजपा में शामिल होकर उनके लिए नई मुसीबत तो नहीं खडी कर दी ? शीला दीक्षित उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव के मैदान में हैं। उनका मुख्य मुकाबला दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी से है। दिल्ली की नार्थ-वेस्ट (एससी आरक्षित) लोकसभा सीट से चौहान को सशक्त दावेदार माना जा रहा था। लेकिन आखिरी वक्त में कांग्रेस ने सशक्त दावेदार होते हुये भी टिकट काट दी थी और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलौठिया को टिकट दे दी थी। इस नाराजगी के चलते चौहान ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी छोड़ भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, भाजपा के पूर्व विधायक मनोज शौकीन की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया।

इस बीच देखा जाए तो चौहान लोकसभा चुनाव की टिकट नहीं मिलने की वजह से काफी नाराज चल रहे थे। नाराजगी के चलते वह कांग्रेस प्रत्याशी राजेश लिलौठिया के चुनाव प्रचार के दौरान भी कहीं सक्रिय नजर नहीं आये। पूरा चुनाव निकलने के बाद भी वह कांग्रेस के चुनाव प्रचार से दूर ही दिखे। लेकिन आखिरी वक्त में जब चुनाव प्रचार थम गया और अगले दिन यानी 12 मई को वोट होनी हैं। ऐसे में चौहान का पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन करना कांग्रेस के लिये काफी नुकसान दायक हो सकता है।

नार्थ वेस्ट सीट पर चुनावी दंगल पर नजर डाली जाए तो यहां पर कांग्रेस ने जहां राजेश लिलौठिया को मैदान में उतारा हुआ है। वहीं भाजपा ने जाने माने गायक हंसराज हंस को चुनावी मैदान में उतारा है और आम आदमी पार्टी से गुग्गन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने के पूरे आसार तो हैं। वहीं अब चौहान के कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने से हंसराज हंस की स्थिति मजबूत होने की प्रबल संभावना माना जा रही हैं। बताया जाता है कि आम आदमी पार्टी इस सीट पर काफी मजबूत स्थिति में देखी जा रही थी। भाजपा के हंसराज हंस इतनी मजबूत स्थिति में नहीं हैं। लेकिन वोटिंग में जब 24 घंटे भी नहीं रहे हैं तो ऐसे में इस सीट के बड़े दलित चेहरे का भाजपा में चले जाने कांग्रेस के लिये बड़ा झटका साबित होगा।

भाजपा ज्वाइन करते ही राजकुमार चौहान ने कहा कि मेरी टिकट काटी गई। मेरी टिकट काटे जाने से लोगों में रोष था। जिसका नतीजा यह है कि मेरे साथ पार्षद और ब्लॉक प्रमुख भी मेरे साथ आ गये हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ऑफिस में राजू यानी राजेश लिलौठिया अपने को बड़े नेता मनाने लगे हैं। मेरी टिकट कन्फर्म हो गई थीं। लेकिन कांग्रेस में आज नौकरी पेशा हावी हो गया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक् शीला दीक्षित ऐसी हैं कि चुनाव की अपील तक तारीख पूछ कर करती हैं। वो 84 साल की बुजुर्ग महिला हैं। उनकी यदाश्त कमजोर हो गई है। चौहान ने यह भी कहा कि राजीव रत्न आवास योजना के तहत मैंने मकान बनवाकर दिये थे। लेकिन 15 सालों के भीतर मुख्यमंत्री रहने के बाद भी एक भी मकान अलॉट नहीं करवा पाईं। दिल्ली के वर्तमान सीएम अरविंद केजरीवाल को भी साढ़े चार साल हो गए है। उन्होंने भी किसी को एक मकान अलॉट नहीं किया। मैं खटीक समाज से आता हूं। कल उनको पता चलेगा कि किसी खटीक का टिकट कटने के क्या नतीजा होता है? मोदी जी की नीति से मैं काफी प्रभावित था। लेकिन उन से नही जुड़ पा रहा था। इसको लेकर मेरा मन कचोट रहा था।

 

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