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आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा


नई दिल्ली।  भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने गवर्नर पद से इस्‍तीफा दे दिया है। हालांकि, सरकार और आरबीआई के बीच पिछले कुछ समय से संबंध बेहतर नहीं थे।केंद्रीय बैंक की स्‍वायत्‍ता और रिजर्व भंडार को लेकर आरबीआई और सरकार के बीच खींचतान चल रही थी। उसी समय ऐसी खबरें आ रही थीं कि सरकार उर्जित पटेल को हटा सकती है।

गवर्नर उर्जित पटेल ने 10 दिसंबर 2018 को अपना इस्‍तीफा देने के बाद आरबीआई वेबसाइट पर भी एक बयान जारी किया है। बयान में उन्‍होंने कहा है कि निजी कारणों की वजह से मैं अपने पद से इस्‍तीफा दे रहा हूं। उन्‍होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से रिजर्व बैंक में कई पदों पर कार्य करना मेरे लिए सौभाग्‍य और सम्‍मान की बात है। हाल के वर्षों में आरबीआई कर्मचारियों, अधिकारियों और प्रबंधन ने अपने समर्थन और कठोर कार्य की बदौलत केंद्रीय बैंक को आगे बढ़ाने में मेरी मदद की है। मैं अपने सहयोगियों और आरबीआई केंद्रीय बोर्ड के डायरेक्‍टर्स का धन्‍यवाद देता हूं और भविष्‍य के उन्‍हें अपनी शुभकामना प्रेषित करता हूं।

पटेल के इस कदम से आरबीआई की स्वायत्ता पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि सरकार के पास एक तरह से केंद्रीय बैंक का पूरा नियंत्रण चला जाएगा। जिन कारणों से उर्जित पटेल को गवर्नर पद से इस्तीफा देना पड़ा उनमें सरकार द्वारा सेक्शन 7 का इस्तेमाल करने की बात कहना और छोटे उद्योगों के लिए लोन आसान बनाना, कर्ज और फंड की समस्या से जूझ रहे 11 सरकारी बैंकों को कर्ज देने से रोकने पर राहत और शैडो लेंडर्स को ज्यादा लिक्विडिटी देना शामिल है। आरबीआई भी सरकार के रवैये को लेकर आक्रामक है। उसका कहना है कि क्या सरकार बैंक कि स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है। इसके लिए उसने 2010 के अर्जेंटीना के वित्तीय बाजार का भी उदाहरण दिया है।

 

टीम डिजिटल

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