बढ़ते कोविड-19 मामलों ने कच्चे तेल कीमतों को नुकसान पहुंचाया

नई दिल्ली। कमजोर अमेरिकी डॉलर ने स्पॉट गोल्ड और बेस मेटल्स की कीमतों का सपोर्ट किया। अमेरिका ने अतिरिक्त स्टिमुलस पैकेज की अपेक्षा ने पीली और औद्योगिक धातुओं की कीमतों को सपोर्ट दिया। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें कोविड-19 मामलों में वृद्धि और दुनियाभर में मांग कमजोर होने से घिरी रहीं।

सोना

कमजोर डॉलर के बीच स्पॉट गोल्ड 0.90% की तेजी के साथ 1897.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। संयुक्त राज्य अमेरिका में अतिरिक्त स्टिमुलस पैकेज की उम्मीद से पीली धातु की कीमतों को और समर्थन मिला। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्टीव मेनुचिन और हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने अंतर को कम करने पर काम किया। इसने महामारी के बाद आर्थिक रिकवरी के लिए अमेरिका की ओर से अतिरिक्त स्टिमुलस पैकेज की उम्मीद जगाई, जिसने सोने की कीमतों का समर्थन किया। इसके अलावा दुनिया भर में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या से सोने की कीमतों में नुकसान सीमित रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के बीच राष्ट्रपति चुनावों की पहली बहस की वजह से राजनीतिक अनिश्चितता बनी रही, जिससे बाजार में सतर्कता देखी गई। इससे गोल्ड की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।

क्रूड ऑयल

महामारी के व्यापक प्रभाव के बीच डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.23% की गिरावट के साथ और $ 39.3 प्रति बैरल पर बंद हुआ। महामारी की वजह से बाजार में क्रूड की कमजोर मांग ने कीमतों को और नीचे कर दिया है। दुनिया भर में कोविड-19 के नए मामलों ने ग्लोबल ऑइल मार्केट को डुबो दिया है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लॉकडाउन के फिर लगने को लेकर बढ़ती चिंताओं ने क्रूड ऑयल के आउटलुक को कमजोर कर दिया। ओपेक की ओर से उत्पादन में कटौती के बावजूद लीबिया और ईरान ने अपने तेल निर्यात में वृद्धि की और इससे लिक्विड गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई। हालांकि, अमेरिकी द्वारा अतिरिक्त स्टिमुलस पैकेज की उम्मीद ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सीमित रखी।

 

बेस मेटल्स

एलएमई पर बेस मेटल्स कमजोर डॉलर के बीच पॉजिटिव रहे। अमेरिका की ओर से स्टिमुलस पैकेज की उम्मीदों ने औद्योगिक धातुओं की कीमतों को बढ़ाया। औद्योगिक धातुओं का आउटलुक हालांकि विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में महामारी की दूसरी लहर की चिंताओं से प्रभावित था। चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार और बड़े पैमाने पर स्टिमुलस पैकेज के बाद बेस मेटल की कीमतों में रिकवरी हुई। हालांकि, लंबी अवधि में रिकवरी के संकेत नहीं मिलने से यह कीमतें भी सीमित रही। ग्लोबल निकल मार्केट सरप्लस जुलाई 2020 में 8,900 टन रहा, जो जून 2020 के 14,700 टन से कम था।

 

कॉपर

एलएमई कॉपर 0.41% की गिरावट के साथ बंद हुआ और अमेरिकी डॉलर की गिरावट और चीन में मजबूत रिकवरी के बीच 6572.0 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ। कॉपर में लाभ एलएमई इन्वेंट्री में अचानक वृद्धि से छाया हुआ था। चीन से बढ़ती मांग और अमेरिका में अतिरिक्त स्टिमुलस पैकेज की उम्मीद औद्योगिक धातु की कीमतों का समर्थन कर सकती है।

 

इनपुट्स –  प्रथमेश माल्या, एवीपीरिसर्च, नॉनएग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड

टीम डिजिटल

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