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सांकेतिक उपवास से शुरू हुआ ‘युवा हल्ला बोल’ संस्थापक अनुपम का सात दिवसीय बिहार दौरा, युवा आंदोलन को मिला जेपी सेनानियों का समर्थन

पटना। अग्निपथ आंदोलन में तिहाड़ जेल से निकलने के बाद ‘युवा हल्ला बोल’ के संस्थापक अनुपम के नेतृत्व में पटना के गांधी मैदान में सांकेतिक उपवास के साथ सात दिवसीय बिहार दौरे की शुरुआत की गई। बता दें कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान युवा नेता अनुपम के अलावा उनके दस और साथियों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। उनके साथ जेल में बंद आंदोलन के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत कमल और वरिष्ठ नेता हिमांशु तिवारी जी भी सांकेतिक उपवास में शामिल रहे।
अनुपम ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा गाँधी बुद्ध की कर्मभूमि और आंदोलनों की जन्मस्थली बिहार के युवाओं पर आज बड़ी जिम्मेदारी है। बड़े से बड़े बदलाव के लिए पूरी दुनिया ने गाँधी से आंदोलन करना और बुद्ध से संयम सीखा है। उन्होंने सेना की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को पत्र लिख कर धैर्य और संयम के साथ आंदोलन को अंजाम तक ले जाने की अपील की।

अनुपम ने आगे कहा कि इस संघर्ष को तब तक जारी रखेंगे जब तक जीत नहीं जाते। राष्ट्रनिर्माण के इस संघर्ष में हम सब पूरी ताकत से आपके साथ हैं।

वहीं आंदोलन के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत कमल ने कहा कि कल से हम गांव गांव जाकर सेना अभ्यर्थियों के बीच जो भय का माहौल बनाया गया है उसे कम करने का प्रयास करेंगे और युवाओं में विश्वास पैदा करेंगे।

गौरतलब है कि ‘युवा हल्ला बोल’ सेना भर्ती, रेलवे एनटीपीसी, एसएससी, शिक्षक भर्ती सहित युवाओं से जुड़े तमाम मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर मुखर रहा है।
आंदोलन के वरिष्ठ नेता हिमांशु तिवारी ने कहा कि युवा इन झूठे मुकदमों से न रुकने वाला है न, झुकने वाला है, न दबने वाला है। यह देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। सरकार को यह योजना वापस लेना ही होगा।

इस मौके पर सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा चुके दिनेश सिंह और रघुपति सिंह ने तिहाड़ जेल से लौटे युवा नेता अनुपम समेत सभी साथियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए सभी जेपी सेनानियों का पूरी ताकत के साथ युवाओं को समर्थन रहेगा।

 

टीम डिजिटल

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