आज बाजार के मुताबिक मनुष्य बनाया जा रहा है : कुमार कृष्ण

शिमला।  आज का दुखांत यह है कि बाजार के मुताबिक मनुष्य बनाया जा रहा है । पहले मनुष्य के लिए बाजार था , अब बाजार के लिए मनुष्य है । यह कहना है हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो कुमार कृष्ण का । वे शिमला के रोटरी हाॅल में डाॅ आर डी शर्मा द्वारा संचालित संस्था परिवर्तन की गजल व काव्य पाठ गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि अब संचार , प्रचार , आविष्कार , व्यापार और बाजार का समय है । ऐसे समय में कविता व साहित्य के प्रति जुडे रहने पर बधाई के पात्र हैं अप सब । नगाडे की तरह शब्द को बजा कर समय के सच के बारे में लिखते रहिए ।
इस समारोह की अध्यक्षता गजलकार महेश चंद्र सक्सेना ने की जबकि हिसार से हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष कमलेश भारतीय विशिष्ट अतिथि थे । भारतीय ने कहा कि जो बात गजलकार दो चार पंक्तियों में बयान कर देते हैं उसके लिए कहानीकारों को लम्बी बात लिखनी पडती है । कमलेश्वर ने आपातकाल में संपादकीय की जगह गजलें ही प्रकाशित कर दी थीं । यह है गजल की ताकत ।
डाॅ आर डी शर्मा ने कहा कि इस समारोह में नये पुराने रचनाकारों को आमंत्रित किया गया , जिनमें नाहन , सोलन व कांगडा से भी रचनाकार शामिल हैं ।
कार्यक्रम में नासिर यूसुफजई , सुमित राज वाशिष्ठ ,मोनिका शर्मा सारथी , कीर्ति ठाकुर , शिल्पा भाटिया , रजनीकांत , अश्विनी वर्मा , मस्तराम शर्मा , जावेद कुलपति , सरोज भारद्वाज , कुलदीप गर्ग , रोशन लाल , कल्पना कांता , उषा चौहान , अनंत आलोक व ओ पी शर्मा आदि ने कविता व गजलों का पाठ किया । संचालन कुंवर दिनेश ने किया ।
 – कमलेश भारतीय, वरिष्ठ  पत्रकार

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