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विश्व मासिक धर्म दिवस पर महापौर ने लड़कियों से बात की

गाजियाबाद।  किशोरावस्था की लड़कियों को मासिक धर्म अवधि के दौरान स्वच्छ तरीके अपनाने को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को उजागर करने के लिए 28 मई विश्व मासिक धर्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में, शर्मिंदगी, असुविधा और पर्याप्त ज्ञान की कमी के कारण कई लड़कियां इस सरल जैविक परिवर्तन के बारे में बात नहीं करती हैं। समाज भी इस बारे में बात नहीं करता और ज्यादातर  मासिक धर्म अवधि के दौरान लड़कियों को मार्गदर्शन प्रदान करने में विफल रहता है।
इस संदर्भ में, एक स्वयंसेवी आधारित संगठन पूर्वा आॅन यमुना फाउंडेशन  ने हेल्थपोस्ट के साथ साझेदारी करके  350 लड़कियों के लिए एक इंटरैक्टिव सत्र  सेलेब्रेटिंग मेंसट्रुएशन – ब्रेकिंग द साइलेंस आयोजित किया। इस सत्र में मुख्य अतिथि गाजियाबाद की मेयर श्रीमती आशा शर्मा थी।  उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों द्वारा मासिक धर्म के बारे में  बात करने के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता के बारे में बात की।  अन्य प्रतिष्ठित वक्ताओं में गायनकोलॉजिस्ट और यशोदा अस्पताल के निदेशक डॉ शशि अरोड़ा,  इंटरनेशनल पावर लिफ्टिंग चैंपियन और गोल्ड मेडलिस्ट, श्रीमती जिनी गोगिया चुग, और श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल श्रीमती अर्चना रास्तोगी आदि शामिल थे।  इस अवसर पर लड़कियों को मासिक धर्म के बारे में सोचने के तरीके के बारे में समझने के लिए एक ग्रुप ड्राइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई ।
पूर्वा आॅन यमुना फाउंडेशन की निदेशक मलिका कुमार ने कहा कि मासिक धर्म का जश्न मनाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह माहवारी के दौरान चुप रहने की धारणा को तोड़ देगा और इस समय लड़कियों को सामान्य होने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे अन्य अंतर-जुड़े किशोर मुद्दों जैसे बाल विवाह, पोषण और शिक्षा के बारे में जागरूकता पैदा होगी।
इस इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन पहली बार हुआ है और आने वाले महीनों में इसका आयोजन गाजियाबाद जिलों के अन्य निजी और सार्वजनिक स्कूलों में भी किया जाएगा।

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