योगा लवर्स कार्यशाला में बताए गुर

नई दिल्ली। योग गुरु सुनील सिंह के सानिध्य में योगा लवर्स ने आर्य समाज मंदिर, लाजपत नगर के प्रांगण में मंदिर की समिति के सदस्यों के सहयोग से पंचमी कार्यशाला का आयोजन श्री अनिल कौल के संरक्षण में भारत में प्रथम बार आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारत के वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ रखने का प्रयास था। योग गुरु सुनील सिंह ने वृद्धावस्था में सात्विक आहार लेने की सलाह दी, सूक्ष्म व्यायाम करवाया, श्वास प्रकिया को ठीक करने का तरीका बताया, कुर्सी पर बैठे बैठे और लेट कर व्यायाम कैसे किया जाए उसका अभ्यास करवाया, इस उम्र में आकर जो हम भूल जाते हैं अर्थात हंसना। हास्य योग करवा कर ज़ोर ज़ोर के ठहाके लगवा अधेड़ उम्र को भी एक बार पुनः बचपन की ओर धकेल दिया। जिसे लाजपत नगर मंदिर के आसपास से आए लगभग 80 स्थानीय निवासियों ने आकर एक नई जापानी तकनीक भी सीखी जिसकी सराहना सब ने की।
इस कार्यशाला की प्रथम वक्ता सेवक राम नेचरोपैथी, लाजपत नगर की डॉ पूनम आहूजा थीं। उन्होंने चेहरे की चमक, कान्ति, ऊर्जा, ओज बढाने के लिए जीवन में सात्विकता लाने का सुझाव दिया। सप्ताह में एक या दो बार मौसमी फल अवश्य लेना चाहिए। हरी शाक सब्जियां भी मौसम अनुसार सलाद रूप में या हल्की भाप देकर सेवन अवश्य करना चाहिए। हर दो घंटे में एक या दो गिलास जल अवश्य पीना चाहिए। आहार, विचार, वयवहार आदि का सामंजस्य रखना चाहिए। इस कार्यशाला की द्वितीय वक्ता आयुर्वेदाचार्य योगिनी आरती गुप्ता थीं। जिन्होंने चेहरे की कान्ति को लेकर विभिन्न प्रकार की क्रियाएं एवं व्यायाम करवाए। चेहरे की औजता के लिए कपोल शक्ति विकासक का अभ्यास करवाया। गुब्बारे नुमा मुंह फुला कर नाक बंद कर क्षमता अनुसार श्वास रोक कर कौवे नुमा मुँह की चौंच बनाकर धीरे धीरे नाक द्वारा श्वास छोड़ने की प्रक्रिया करने को कहा। इस कार्यशाला में लगभग 60 लोगों की संख्या थी। उचित एवं सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर हर्षित हुए।
योग गुरु सुनील सिंह ने बताया की हमें चेहरे पर चमक लाने के लिए मसालेदार भोजन को वर्जित करना चाहिए। नित्य प्रति योग व्यायाम आदि अवश्य करना चाहिए। बाह्य प्रसाधनों का प्रयोग न करने का परामर्श दिया। प्रकृति से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। योगा लवर्स का उद्देश्य जनजागरण में विभिन्न प्रकार के रोगों से मुक्त हो स्वस्थ रहने की प्रेरणा देना है। योगा लवर्स प्रत्येक माह कार्यशाला का आयोजन करता है औऱ नए नए व्यक्तियों को वक्ता रूप में आमंत्रित करता है।

दीप्ति अंगरीश

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