
नई दिल्ली / टीम डिजिटल। स्टूडेंट के डर के तीन दिन होते हैं। पहला एग्जाम डे, दूसरा रिजल्ट डे और तीसरा पेरेंट टीचर मीटिंग डे। बात करते हैं पेरेंट टीचर मीटिंग की। इस दिन पेरेंट और टीचर्स आमने सामने होते हैं, फिर चाहे हम अपना चेहरा छिपाने की कितना ही प्रयास क्यों न कर लें। हमारे गो-टू न्यूज़कास्टर, रबिश कुमार हमें टीएसपी के नए स्केच में यादों की दहशतभरी दुनिया में ले जा रहे हैं। रबिश कुमार ने टीचर्स एवं पैरेंट्स का इंटरव्यू लिया। वो एक एक करके हर क्लासरूम में गए और विद्यार्थी के ग्रेड्स पर अभिभावकों एवं टीचर्स की प्रतिक्रिया देखी। अब क्या होगा? चलिए, हम यही कहेंगे कि रबिश को कुछ सनकी टीचर्स का सामना करना पड़ा और उससे भी ज्यादा सनकी अभिभावकों का। जब रबिश स्कूल के गलियारों में हमें ले गए और टीचर-पैरेंट मीटिंग देखीं व हमें दिखाईं, तो बहुत ही मनोरंजक स्थितियां उत्पन्न हुईं। कठोर पैरेंटिंग एवं टीचिंग के इस दृश्य ने हमें उन दिनों में पहुंचा दिया था, जब हमें यह नहीं पता होता था कि हमें टीचर से ज्यादा डरना है या अपने अभिभावकों से। हर विद्यार्थी उस दौर से गुजरा है, गलियारों में घूमते हुए क्लासरूम तक पहुंचा है, उसे नहीं पता होता था कि उसे ग्रेड मिलने वाला है या दण्ड। यह स्केच अपने निराले व विनोदपूर्ण अंदाज में आपको उन यादों में ले जाएगा और हंसी से लोटपोट कर देगा। इस वीडियो में शिवांकित परिहार रबिश कुमार के रूप में दिखेंगे और इसमें टीएसपी के लोकप्रिय चेहरे, जैसे अभिनव आनंद और साहिल वर्मा भी हैं। निशांत शर्मा द्वारा निर्देशित एवं रिशव श्रीवास्तव, विश्वजीत प्रताप सिंह द्वारा लिखित यह स्केच हमारी शिक्षा व्यवस्था पर उग्र सवाल खड़े करता है।
