बाल कवियों और कथाकारों ने मोहा मन, मैथिली साहित्य के भविष्य की दिखाई मजबूत तस्वीर

नई दिल्ली :  मैथिली साहित्य महासभा द्वारा शनिवार को नई दिल्ली स्थित संस्कार भारती सभागार में मैथिली बाल कवि-कथाकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और जय-जय …

‘नेपथ्य का रंगमंच’ : हिंदी रंगमंच के एक उपेक्षित लेकिन महत्वपूर्ण पक्ष पर केंद्रित महत्वपूर्ण पुस्तक

नई दिल्ली। हिंदी रंगमंच की दुनिया में एक महत्वपूर्ण और संग्रहणीय पुस्तक ‘नेपथ्य का रंगमंच’ हाल ही में प्रकाशित हुई है। वरिष्ठ रंगकर्मी महेश आनंद और देवेंद्र राज अंकुर द्वारा …

ज्ञान भारतम मिशन के तहत सहरसा में मिली 400-500 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां, मिथिला की ज्ञान परंपरा पर शोध का खुलेगा नया द्वार

सहरसा (बिहार) : संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ज्ञान भारतम मिशन परियोजना के अंतर्गत देशव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान बिहार के सहरसा जिले में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल …

भारतीय ‘स्व’ की खोज और पुनर्स्थापना का घोष

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सर शंकर लाल सभागार में अरबिंदो कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डाॅ. प्रशांत बड़थ्वाल की पुस्तक Decolonising the Bhartiya Minds : From Colonial roots …

जय सोमनाथ पुस्तक आत्मसम्मान और विजय के अटूट भाव की गाथा है : सुरेन्द्र अरोड़ा

नई दिल्ली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा सोमवार को प्रवासी भवन, नई दिल्ली में कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी कृत जय सोमनाथ पुस्तक पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में अपने विचार …

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों ‘द लाइफ स्किल कॉल्ड सेल्स’ का विमोचन

मुंबई : मुंबई में एक खास मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने जब नितीन ढबू की पुस्तक ‘द लाइफ स्किल कॉल्ड सेल्स: फ्रॉम प्लेग्राउंड टू पेचेक’ का विमोचन …

“सत्य, धैर्य और आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं”—सीता का संदेश सदैव स्मरणीय

नई दिल्ली: जानकी नवमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में वैदेही फाउंडेशन द्वारा ग्यारहवां वार्षिक आयोजन ‘ग्यारहवां जानकी प्राकट्योत्सव 2026’ वैशाख शुक्ल नवमी के दिन राजेन्द्र भवन …

वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच का वार्षिकोत्सव समारोह संपन्न

  नई दिल्ली। हिन्दी साहित्य को समर्पित संस्था “वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच” द्वारा देश विदेश में साहित्य की अविरल धारा बहाने हेतु काव्य गोष्ठियों का ऑफ़लाइन तथा ऑनलाइन अनवरत क्रम …

काशी में विक्रमोत्सव: संस्कृति के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का पुनर्जागरण

कृष्णमोहन झा भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र यदि किसी नगर को कहा जाए तो वह निस्संदेह काशी है। ऐसी पवित्र और ऐतिहासिक नगरी में जब सम्राट विक्रमादित्य की परंपरा …

मज़हब, मानवता और वैचारिक संघर्ष का विमर्श: ‘मज़हब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना’

भारतीय समाज में धर्म, मज़हब और मानवता के संबंधों को लेकर सदियों से विचार-विमर्श चलता रहा है, किंतु समकालीन समय में यह बहस और अधिक तीव्र और प्रासंगिक हो गई है। इसी …