नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। प्लास्टिक के कचरे को लेकर बढ़ती चिंता को दूर करने के लिये, इस इंडस्ट्री की 31 प्रमुख कंपनियां ने एक साथ मिलकर एशिया का सबसे बड़ा अपने तरह का अनूठा वेंचर लॉन्च किया है। निर्माताओं के नेतृत्व और उनके स्वामित्व वाला यह वेंचर देश में सामान्य प्लास्टिक सर्कुलर इकोनॉमी तैयार करने के लिये किया जा रहा है। हिस्सा ले रहीं ये कंपनियां संपत्ति, संसाधनों को एकजुट करेगी और उन्हें परिवर्तित करेगी तथा 1000 करोड़ से भी अधिक रुपये का निवेश करेंगी।
अहमद अलशेख, प्रेसिडेंट पेप्सिको इंडिया, टी. कृष्णकुमार, प्रेसिडेंट कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया और एंजेलो जॉर्ज, सीईओ बिस्लरी ने मिलकर नया निर्माता नेतृत्व वाला वेंचर, ‘’करो संभव- क्लोजिंग मटेरियल लूप्स’ लॉन्च किया है। उन्होंने ग्राहकों के इस्तेमाल के बाद पैकेजिंग के कलेक्शन के लिये एक प्रभावी कड़ी बनाने तथा पर्याप्त रूप से मटेरियल की रीसाइकलिंग प्रक्रिया के लिये यह वेंचर लॉन्च किया है।
इस वेंचर से जुड़ने वाली अन्य कंपनियों में शामिल हैं- डिएगो, पार्ले एग्रो, कैविन केयर, मंजूश्री, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एससी जॉनसन, आईवीएल-धनसेरी, पर्ल ड्रिंक्स, वरुण बेवरेजेस लिमिटेड तथा हिन्दुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड। एक्शन एलाएंस फॉर रीसाइक्लिंग बेवरेज कार्टन्स भी इस वेंचर को सहयोग कर रहा है। इस वेंचर की योजना पूरे देशभर में 125 मटेरियल रिकवरी फेसिलटी का नेटवर्क तैयार करना है, जोकि अगले 3 सालों में 2500 एग्रीगेटर्स के साथ मिलकर काम करेंगे। अलग-अलग चरणों में इस प्रोजेक्ट के स्तर को और ऊपर ले जाया जायेगा और निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा।
इस मौके पर अपनी बात रखते हुए, विमल केडिया, प्रेसिडेंट ‘पेस’ ने कहा, ‘’इस अनूठे वेंचर का लक्ष्य विभिन्न प्रकार के पैकेजिंग मटेरियल के लिये मटेरियल लूप्स को बंद करना है और यह एक साथ मिलकर भारत में 60 प्रतिशत वैल्यू चेन लेकर आयेगा। निर्माता अकेले जिस तरह का समाधान करते हैं यह वेंचर कई सारे समाधानों का कंर्वेजेंस लेकर आयेगा।
टी. कृष्णकुमार, प्रेसिडेंट कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘’ अपनी दूरदर्शिता के माध्यम से हम यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि हमारे सभी पैकेजिंग मटेरियल रीसाइकलिंग के लिये जायेंगे, कचरा भरने वाले क्षेत्र में नहीं। यह एक यात्रा है, जिसे हमें अपने साथियों के साथ मिलकर और भी ज्यादा ठोस, दृढ़ और उल्लेखनीय बनाने के लिये प्रयास करना होगा। इस लॉन्च का हिस्सा बनने और निर्माता नेतृत्व वाले वेंचर के आगामी कार्यों में हिस्सा लेने की खुशी है।
अहमद अलशेख, प्रेसिडेंट, पेप्सिको इंडिया ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘’पेप्सिको में हम एक ऐसी दुनिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां प्लास्टिक फिर कभी वेस्ट नहीं होगा। आज ‘करो संभव’ के लॉन्च के साथ, इस इंडस्ट्री ने संसाधनों को एकत्रित करने तथा अति आवश्यक स्तर और प्लास्टिक वेस्ट के कलेक्शन व रीसाइकलिंग ईकोसिस्टम की दक्षता को लाने के लिये एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हमारा मानना है कि यह वेंचर इस इंडस्ट्री को एकजुट करेगा ताकि देश में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सरकार की दूरदृष्टि को सपोर्ट कर सकें और एकसाथ मिलकर उसे पूरा कर सकें।‘’
एंजेलो जॉर्ज, सीईओ बिस्लेरी ने कहा, ‘’ हम इस ऐतिहासिक वेंचर का हिस्सा बनकर काफी खुश हैं, जहां हम एक साथ मिलकर एक स्थायी भविष्य का हल ढूंढने वाले हैं। इससे देशभर में छंटाई करने वाले तथा रीसाइकल वाले अत्याधुनिक सेट-अप तैयार किये जा सकेंगे।‘’
इस नये वेंचर के सेट-अप का नेतृत्व कर रहे प्रांशु सिंहल ने कहा, ‘’इस वेंचर का लक्ष्य पूरे भारतवर्ष में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेट की एक प्रणाली तैयार करना होगा। इसके लिये हितधारकों के साथ साझीदारी की जा रही है और पारदर्शिता, दृढ़ता और स्तर लाने के लिये तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।‘’
रेने वैन बर्केल, भारत में यूएनआईडीओ के प्रतिनिधि ने कहा, ‘’प्लास्टिक और पैकेजिंग वेस्ट भारत और विश्वभर में सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती समस्या है। उद्योग प्रवर्तित वेंचर के लिये ‘पेस’ की प्लास्टिक वेस्ट रीसाइकलिंग की पहल समय के अनुकूल और स्वागत योग्य है। इसके लिये यूएनआईडीओ साझीदारी करने को पूरी तरह तैयार है।‘’

