मामाअर्थ का ब्रांड उद्देश्य है #GoodnessInside/ गुडनेस इनसाइड

नई दिल्ली। गुडनेस यानी अच्छाई, छोटी–छोटी चीजों से शुरु होती है जिसे हममें से हर एक व्यक्ति रोज़ कर सकता है! यह उन छोटे– छोटे विकल्पों में छुपी होती है जिन्हें हम अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनाते हैं। मामाअर्थ का नवीनतम वीडियो अपने ग्राहकों के सामने “अच्छाई एक विकल्प है/ गुडनेस इज़ ए च्वाइस” के विचार को प्रस्तुत करता है। यह डीजिटल और सोशल मीडिया पर चलाया जाने वाला अभियान है जिसका मुख्य संदेश है कि अच्छाई कोई सुपरपावर या स्पेशल गिफ्ट नहीं है। यह मात्र एक विकल्प है जिसे आप हर दिन चुनते हैं, बिल्कुल वैसे ही विकल्प जैसे मामाअर्थ ने बनाए हैं। मामाअर्थ के उत्पाद प्रकृति के सर्वोत्तम वस्तुओं से बने हैं, इनमें किसी प्रकार का कोई जहरीला पदार्थ नहीं है, कोई हानिकारक रसायन नहीं है, इन उत्पादों का परीक्षण पशुओं पर नहीं किया जाता और इसका कोई प्लास्टिक इम्पैक्ट भी नहीं है।

‘Goodness Inside/गुडनेस इनसाइड’ अभियान पर टिप्पणी करते हुए, फायरसाइड वेंचर्स के वेंचर पार्टनर वीएस कन्नन सीताराम ने कहा, “फायरसाइड में हम इस बात में पूरा विश्वास रखते हैं कि बेहतरीन ब्रांड्स उत्पाद से होने वाले लाभ की तुलना में बड़े उद्देश्यों के लिए काम करते हैं। मामाअर्थ एक ऐसे ब्रांड का शानदार उदाहरण है जो अपने उद्देश्य को सराहनीय ढंग से पूरा करता है। इसके मूल्य इसके ग्राहकों में दिखते हैं और यह वफादार ग्राहकों की संख्या को लगातार बढ़ाने वाला समुदाय बनता जा रहा है। इस जबरदस्त समन्वय के साथ मामाअर्थ कई गुना अधिक वृद्धि करने को तैयार है।”

 

 

 

 

ब्रांड न सिर्फ अपने उत्पादों द्वारा बल्कि अन्य कार्यों द्वारा भी ‘अच्छाई/ गुडनेस’ के प्रसार में लगा है। कोविड–19 महामारी के काल में, मामाअर्थ ने सैनेटाइजर्स की बिक्री कर मुनाफा न कमाने का फैसला किया है। इसकी बजाए, इसने देश भर में अपने 2500 से भी अधिक गुडनेस एम्बैस्डर्स के माध्यम से जरूरतमंदों के बीच 50,000 सैनेटाइजर्स बांटे। हाल ही में इन्होंने अपने इन्हीं गुडनेस एम्बैस्डर्स की मदद से स्माइल प्रिंट वाले और फिर से इस्तेमाल किए जा सकने वाले कॉटन से बने मास्क भी बांटें हैं।

 

 

मामाअर्थ की सह–संस्थापक और चीफ मम गज़ल अलघ ने कहा, “आज के लोग अच्छा काम करना चाहते हैं और अपने परिवार को एक बेहतर कल देना चाहते हैं। इसलिए हम इस पीढ़ी को “जनरेशन गुड” कहते हैं। मामाअर्थ में, हम जेन गुड के जैसे ही समान मूल्यों और नैतिकता का ध्यान रखते हैं। हमारा नया टैगलाइन ‘गुडनेस इनसाइड’ एक वादा है कि हम टॉक्सिन फ्री शुद्धता और प्रकृति की अच्छाई वाले अपने उत्पादों के माध्यम से वही करेंगे जो हमारे ग्राहकों और धरती माँ के लिए सही है।”

कोर्रा के क्रिएटिव और स्ट्रैटेजी प्रमुख, दीपक कुमार कहते हैं, “अच्छाई कोई महाशक्ति या उपहार नहीं है बल्कि आपके द्वारा हर दिन चुना जाने वाला विकल्प है। हमारे लिए ब्रांड अभियान के लिए कहानियां हमारे आस–पास रहने और इन छोटे– छोटे विकल्पों को चुनने वाले रोजमर्रा के नायकों के जीवन पर आधारित हैं। हमने कहानियों को बहुत साधरण लेकिन प्रभावशाली बनाया है जिससे कोई भी व्यक्ति प्रेरणा प्राप्त कर सकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह अभियान अच्छा करने वालों की एक पूरी नस्ल को प्रेरित करेगा और यही नस्ल, मामाअर्थ की तरह ही दुनिया बदल देगी।”

कोर्रा के सीईओ गौरव नभ का कहना है कि “मामाअर्थ पर किया गया हमारा काम कोर्रा के मिशन–सबसे पहले संवाद डिजिटल ऑडिएंस से संवाद करना, चुनौतीपूर्ण ब्रांडों को व्यवहारिक कहानियों को लोगों तक पहुँचाने में मदद करना और बदले में उस श्रेणी में एक जागरुकता पैदा करने में मदद करना, पर बिल्कुल खरा उतरता है। यह अभियान कोर्रा के डिजिटल मूल की गहरी समझ को पूरी तरह से प्रस्तुत करता है, हमारी क्षमताओं को दिखाता है और मामाअर्थ के साथ मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में यह भावी कार्यों की पहली श्रृंखला भर है।”

 

 

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