नई दिल्ली। कारीगरों और बुनकरों के विकास को मजबूती प्रदान करने और उनको प्रोत्साहित करने की सोच के साथ, भारतीय शिल्प के सभी रूपों (क्राफ्ट) को ऑनलाइन लाने और ग्राहकों के लिए चयन के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से, अमेज़न इंडिया ने आज ऑल इंडिया आर्टिसंस एंड क्राफ्टवर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एआईएसीए) से जुड़े कई विक्रेताओं को लॉन्च करने की घोषणा की। इन विक्रेताओं को लॉन्च करने के कारण, अमेज़न इंडिया भारत के सात राज्यों के 5000 से अधिक कारीगरों के जीवन पर महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा। ये विक्रेता अमेज़ॅन के स्टैंड फॉर हैंडमेड इनिशिएटिव के हिस्से के रूप में एसओए फीस माफी से लाभान्वित होंगे।
यह लॉन्च कारीगरों के हाथ से बनाये गये और विक्रेताओं द्वारा अमेज़न डॉट इन पर एपलब्ध कराये गये 550 से अधिक उत्पादों को प्रदर्शित करने में मदद करेगा। ये उत्पाद एक क्राफ्टमार्क सर्टिफिकेशन के साथ उपलब्ध हैं। यह सर्टिफिकेशन एआईएसीए अपने कारीगर संगठनों, शिल्प-आधारित व्यवसायों, सहकारी समितियों और गैर-सरकारी संगठनों को उनके उत्पादों पर उपयोग के लिए प्रदान करता है। इस लॉन्च के साथ, विक्रेताओं को बनारस के बुनकरों द्वारा हथकरघा ब्रोकेड बुनाई जैसे अनूठे क्राफ्टमार्क प्रमाणित उत्पादों और आगरा से विभिन्न कारीगरों द्वारा बनाये गए पत्थर पर नक्काशी (स्टोन कार्विंग) वाले उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, अमेज़न के लाखों ग्राहकों को अन्य उत्पाद भी उपलब्ध होंगे।
ग्राहक अमेज़न कारीगर स्टोरफ्रंट पर कारीगरों और बुनकरों द्वारा बनाए गए अद्वितीय उत्पादों की खोज कर सकते हैं। 2016 में लॉन्च होने के बाद से, कारीगर प्रोग्राम ने 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बुनकर समुदाय के 8 लाख से अधिक व्यक्तियों के जीवन में बदलाव लाया है। अमेज़न डॉट इन ने शिल्प प्रेमियों को प्रामाणिक शिल्प उपलब्ध कराने और बाजार कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 22 सरकारी एम्पोरियम और 5 सरकारी संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। आज, कारीगर 60 से अधिक उत्पादों को उपलब्ध कराता है, जिसमें 20 से अधिक राज्यों के 270 से अधिक अद्वितीय कलाकृतियां और शिल्प शामिल हैं।
अमेज़न इंडिया ने हाल ही में कोविड-19 के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से उबरने वाले बुनकरों और महिला उद्यमियों सहित 10 लाख से अधिक उद्यमियों की मदद के लिए ‘स्टैंड फॉर हैंडमेड’ पहल की शुरुआत की है। स्टैंड फॉर हैंडमेड पहल के हिस्से के रूप में, अमेज़न कारीगर प्रोग्राम के 8 लाख से अधिक कारीगर तथा बुनकर और अमेज़ॅन सहेली प्रोग्राम के 2.8 लाख से अधिक महिला उद्यमियों को एसओए फीस माफी से लाभ मिलेगा। फीस माफी एआईएसीए के सहयोग से लॉन्च किए गए विक्रेताओं के लिए भी उपलब्ध होगी।
प्रणव भसीन, हेड – एमएसएमई एम्पावरमेंट एवं सेलर एक्सपीरियंस, अमेज़न इंडिया ने कहा कि “हम कारीगरों को ऑनलाइन बिक्री का स्वागत करने और उनके व्यापार का दायरा बढ़ाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह हजारों कारीगरों को अपने अद्वितीय उत्पादों को लाखों अमेज़ॅन ग्राहकों के सामने लाने में मदद करेगा।” प्रणव ने आगे कहा कि “यह लॉन्च हमारे स्टैंड फॉर हैंडमेड पहल का विस्तार है, जिसने पहले ही कारीगरों, बुनकरों और महिला उद्यमियों को कोविड-19 के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से उबारने में और उनको 3 गुना वृद्धि हासिल करने में मदद की है।”
श्रेया मजुमदार, एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर, एआईएसीए-क्राफ्टमार्क कहा कि कोविड ने कारीगरों और शिल्प उद्यमों से जुड़ी आजीविका को काफी धक्का पहुँचाया है; जबकि इनमें से कई पहले से ही देश में विकास के संदर्भ में हाशिये पर थे। एक पूर्ण या आंशिक रिकवरी से जो हासिल होगा वह राहत, सहायता और खैरात से आगे जाकर एक प्रतिबद्ध रणनीति का निर्माण करेगा जिसमें लचीलापन होगा और जो छोटे कारीगरों और उद्यमों की रणनीतिक जरूरतों को सामने और केंद्र में रखेगी। इस रणनीति में सेक्टर की जरूरत के अनुसार अलग-अलग और आसान पहुँच सुनिश्चित करने वाले वित्तपोषण के तौर-तरीके अपनाने के लिए ठोस प्रयास शामिल होंगे, और यह कदम कोविड की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए, डिजिटल अप-स्किलिंग रणनीति के माध्यम से बाजारों के पुनरुत्थान को बढ़ावा देगा और व्यापार को फिर से चालू करने के साधनों की खोज करेगा। एआईएसीए-क्राफ्टमार्क और अमेज़न के बीच सहयोग प्रमाणित समूहों/कारीगरों द्वारा प्रामाणिक हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए नए/उभरते बाजारों तक डिजिटल पहुँच की दिशा में पहला कदम है।”

