नई दिल्ली। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने को इच्छुक युवाओ खासकर ज़रूरतमंद परिवारों के बच्चे जिन्हे एवरेज सूडेन्ट्स माना जाता है और उनकी सक्सेस पर एक सवालिया निशान लगा होता है , उन बच्चों के भविष्य निर्माण और स्वावलम्बी बनाने की दिशा में जज़्बा २.0 की घोषणा के साथ ही उसके लिए तैयारियां अपने चरम पर शुरू कर दी गयी हैं। इस बात की जानकारी IIEC) इंडियन इनोवेशन और एंट्रेप्रेन्योरशीप के फाउंडर और मशहूर टेक्नोलॉजी गुरु विमल डागा और प्रीती डागा , एंटरप्रेन्योर, लाइफ स्टाइल और एजुकेशन कोच ने दी. ीएस। इंटरप्रेंयूर्शिप और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इनोवेशन पर काम करती है और लिनक्स वर्ल्ड के साथ मिलकर युवा छात्रों को प्रशिक्षण देते हुए उन्हें स्वावलंबी बनाने और उनके भविष्य निर्माण की तरफ अग्रसर रहती है।
( IIEC) इंडियन इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा इस बार भी जज़्बा के द्वारा अपना करियर बनाने, उचित रोज़गार के मौके प्राप्त करने और खुद का बिज़नेस शुरू करने की दिशा में युवाओं को निशुल्क प्रक्षिक्षण दिया जाएगा। इन छात्रों को तकनीक से लैस ऐसे प्रोडक्ट्स और ैऐप्स बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जज़्बा की रूपरेखा तैयार हो चुकी है इस विषय पर बात करते हुए विमल और प्रीती daaga ने बताया ” हर साल नवंबर और दिसंबर में एडमिशन की एप्लीकेशन ओपन होती है और इस प्रोग्राम की शुरुआत मई और जून में होती है। हमारी वेबसाइट और सोशल मीडिया पेजेज के माध्यम से हम से कनेक्ट किया जा सकता है और इसके बाद बच्चे फ्री ऑफ़ कॉस्ट जुड़ सकते हैं। IIEC) इंडियन इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से अब तक ५ लाख विधार्थी मुफ्त तकनीकी शिक्षा हमसे ले चुके हैं। और इस शिक्षा के ज़रिये हम छात्रों को ४५ दिन वर्कशॉप में ट्रेनिंग देते हैं ताकि वे रूचि अनुसार बिज़नेस शुर कर सके, हुनर डेवेलोप कर सके. इसके साथ ही टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जज़्बा प्लेटफार्म के माध्यम से हम स्टूडेंट्स की काबलियत को देश और दुनिया से आए इन्वेस्टर्स के सामने भी रखते हैं। ज़्बा के दौरान हम समर वर्कशॉप की आयोजन करते हैं जहा फ्री ऑफ़ कॉस्ट स्टूडेंट्स को ४५ दिनों में सभी लेटेस्ट टेक्नोलॉजिस को सिखाया जाता है।
इस साल भी ज़ज़्बा का आयोजन ऑफलाइन और ऑनलाइन शिस्क्षा प्रक्षिशण द्वारा होगा जयपुर में होगा । पिछले वर्ष हुए जज़्बा में स्टूडेंट्स ने विभिन्न समाज कल्याणकारी प्रोजेक्ट्स जैसे की पौधों में बीमारी पता करने के लिए तकनीक का निर्माण और सही मात्रा में पेस्टीसाइड्स को चुनना जैसे अनेक इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स लांच किये थे। उन प्रोजेक्ट्स को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के समक्ष रखा गया था और इन प्रोजेक्ट्स कोइन्वेस्टर्स और स्पोंसर्स भी मिले थे जो युवाओं के लिए बहुत प्रोत्साहित करने वाला था। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र और प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी , सत्रों की श्रृंखला में युवाओं के मार्गदर्शन और कौशल सिखाने , युवाओं को ढेर सारे विकल्पों के चक्रव्यूह से निकालते हुए उन्हें सही दिशा मार्गदर्शन देते हुए उन्हें सक्षम बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। हम “फ्यूचर रेडी इंडिया” के अपने संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इस ऑनलाइन और ऑफलाईन इनिशिएटिव का फायदा ना केवल राजस्थान बल्कि पूरे इंडिया से अधिक से अधिक छात्रों उठा रहे हैं ।
इसके साथ ही स्टूडेंट्स की काबिलियत को देश और दुनिया से आये इन्वेस्टरस , इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और कॉर्पोरेट जगत से रूबरू करवाया जाता है ताकि उनके टैलेंट को पहचानते हुए उनके करियर में ग्रोथ का मार्ग प्रशस्त हो. पिछले कुछ साल कोविद की वजह से जज़्बा का आयोजन नहीं किया जा सका था लेकिन अब इस साल जज़्बा २. O को जयपुर में फिर से आयोजित किया जाएगा जिसके माध्यम से टेक्नोलॉजी के साथ एम्पावरमेंट के अपने मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा। इस समारोह में युवाओं को प्रशिक्षित करना, उनका सही मार्गदर्शन करना और उन्हे प्रेरित करना , खासकर इंजीनियरिंग के छात्र जो समाज के औसत और प्रतिक्रिया से नीचे हैं और जिनकी प्रति अस्वीकृति बनी हुई है को सुनहरे भविष्य निर्माण का अवसर उपलब्ध करवाया जाएगा। आर्गेनाईजेशन के अंतर्गत चलने वाली समर वर्कशॉप और कोर्सेज का समय ४५ दिनों का है. छात्र रोज़ाना ८ घंटे की पढ़ाई करते हैं. हमारा समर ट्रेनिंग प्रोग्राम ४५ दिनों तक चलता है जिसमे हम ब्रेन स्टॉर्मिंग, टीम बिल्डिंग एक्टिविटीज होती हैं, प्रैक्टिकल लैब्स इन्वॉल्व होती हैं और सभी लेटेस्ट टेक्नोलॉजीजआदि हम छात्रों को पढ़ाते हैं.
जज़्बा युवाओं को विभिन्न चुनौतियों को हल करने, आत्मनिर्भर बनने के लिए छात्रों में स्वरोज़गार को विकसित करते हुए “मेकिंग इंडिया, फ्यूचर रेडी” के अपने दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा सराहनीय काम कर रहा है । आर्गेनाईजेशन का उदेश्य छात्रों की रचना को शेप देते हुए उन्हें स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में मदद करना है, ताकि वे खुद अपनी कंपनी के ना केवल मालिक बने बल्कि उसे चलाने में सफलता हासिल करें। साथ ही सामाजिक समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता बनाते हुए नयी तकनीकों का सृजन और विस्तार करें।

