नई दिल्ली।आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2020 से 2023 के दौरान अपने गारंटीशुदा लाभ वाले प्रॉडक्ट्स की बिक्री में 158 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। विकास में यह तेजी स्पष्ट रूप से उन उत्पादों के प्रति ग्राहकों की प्राथमिकता को उजागर करती है जो गारंटीशुदा लाभ प्रदान करते हैं।
हाल के दौर में शेयर बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के कारण ग्राहकों की प्राथमिकता गारंटीशुदा लाभ देने वाले उत्पादों की ओर बढ़ी है। गारंटीकृत लाभ उत्पाद न सिर्फ पूंजी की सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि स्थिर रिटर्न भी प्रदान करते हैं। उत्पादों की यह श्रेणी वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के साथ-साथ आमदनी का एक और स्रोत बनाने के एक संभावित मार्ग की ओर भी ले जाती है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री विनोद एच. कहते हैं, ‘‘हमने देखा है कि बहुत से उपभोक्ता आय के वैकल्पिक स्रोत की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में हमारे कुछ प्रॉडक्ट जैसे आईसीआईसीआई प्रू गारंटीड इनकम फॉर टुमॉरो, आईसीआईसीआई प्रू गोल्ड और आईसीआईसीआई प्रू सुख समृद्धि ग्राहकों को अपने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों की योजना बनाने में सहायक होते हैं। हमारे कुछ प्रॉडक्ट ऐसे भी हैं, जो ग्राहकों को दूसरे पॉलिसी वर्ष से ही वैकल्पिक आय हासिल करने का विकल्प प्रदान करते हैं। कुछ उत्पादों द्वारा पेश की जाने वाली इनोवेटिव सेविंग्स वॉलेट सुविधा का उपयोग आय संचय करने के लिए किया जा सकता है जिसका उपयोग ग्राहक भविष्य में प्रीमियम का भुगतान करने के लिए कर सकते हैं। अथवा इस राशि को वे एकमुश्त भी ले सकते हैं। परिपक्वता लाभ जानने से ग्राहक अपने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों के लिए बेहतर योजना बनाने में सक्षम होते हैं।’’
विभिन्न ग्राहक वर्गों के लिए बीमा की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, कंपनी ने एक 4डी फ्रेमवर्क तैयार किया है। इस फ्रेमवर्क में डेटा एनालिटिक्स, विविध प्रस्ताव, डिजिटलीकरण और साझेदारी शामिल है। डेटा एनालिटिक्स के जरिये ग्राहकों के अनुकूल जीवन बीमा प्रॉडक्ट तैयार किए जा सकते हैं, जबकि विविध प्रस्ताव उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करते हैं जिससे कंपनी ग्राहकों की एक विस्तृत श्रृंखला को पूरा करने में सक्षम होती है। डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्राहकों को कागज रहित खरीदारी की सुविधा मिलती है और ग्राहकों को स्वयं-सेवा विकल्पों के साथ सशक्त बनाया जाता है। इसके साथ ही ग्राहकों के बीच जीवन बीमा की बेहतर स्थिति के लिए साझेदारी को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है और इस दिशा में डिस्ट्रीब्यूशन की सहायता ली जाती है। कुल मिलाकर लक्ष्य यह है कि ग्राहकों को उनकी ज़रूरतों के आधार पर सटीक प्रॉडक्ट उपलब्ध कराया जाए।‘’

