Bihar Politcs : तेजस्वी और लालू का अब क्या होगा ? नीतीश ने ऐसे कर दिया बिहार में नया सियासी खेला

 

पटना। आखिरकार राजनीतिक आशंकाओं से पर्दा उठता जा रहा है। अब यह तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार राजद का साथ छोड़कर एक बार फिर भाजपा के साथ ही बिहार में सरकार चलाएंगे। बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन में दरार की अटकलों के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष एवं राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को यहां राजभवन में आयोजित जलपान समारोह में शामिल हुए जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तथा उनकी पार्टी के अधिकांश नेता अनुपस्थित रहे। समारोह के दौरान राजभवन में नीतीश कुमार के बगल वाली कुर्सी पर पहले उपमुख्यमंत्री की पर्ची लगायी गई थी, लेकिन बाद में उसे हटाकर उस कुर्सी पर जद (यू) के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के मंत्री अशोक कुमार चौधरी बैठ गए। वहीं चौधरी के बगल में बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विजय कुमार सिन्हा बैठे और वह नीतीश कुमार के साथ वार्तालाप करते हुए देखे गए। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में जलपान के आयोजन की पुरानी परंपरा रही है।

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के राजभवन नहीं जाने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के बाद सियासी गलियारे हलचल तेज हो गई है। सभी सियासी दलों के प्रमुख नेता लगातार अपने पार्टी के नेताओं के बीच बैठक कर रहे हैं। राबड़ी आवास पर भी हलचल है। पार्टी के वरीय नेताओं के साथ लालू और तेजस्वी यादव ने बैठक की। इधर, राजद के राज्यसभा सांसद और लालू प्रसाद के करीबी मनोज झा ने मीडिया के जरिए सीएम नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि जो असमंजस की स्थिति चल रही है, उसे वह शाम तक दूर करें।

सांसद मनोज झा ने कहा कि मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि जो चल रहा वह सब देख रहा है। नौ अगस्त 2022 को इस गठबंधन की बुनियाद पड़ी। इसमें सीएम नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने एक-एक ईंट जोड़ी। बुनियाद की एक-एक ईंट मोदी जी के तानाशाही राजनीति, नफरत और घृणा के खिलाफ थी। सीएम नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों के बीच बैठक का संयोजन भी किया।

बिहार में सियासी उठक पटक के बीच भाजपा ने आज अपने सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई है। पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनाव आने वाले हैं, इसी की तैयारी के लिए बैठक बुलाई गई है। बिहार भाजपा प्रमुख ने बताया कि आम चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जदयू के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे स्तर ऐसी किसी बात पर चर्चा नहीं हुई है। हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने बताया कि राजनीति में कोई भी दरवाजा कभी बंद नहीं होता। जरूरत के अनुसार हर दरवाजों को खोला जा सकता है।

 

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