ड्यूरेक्स TBBT ने आउटलुक पत्रिका के विशेष अंक के साथ LGBTQIA+ कम्‍युनिटी का जश्न मनाया

 

नई दिल्ली। यौन स्वास्थ्य और कल्‍याण को प्रोत्‍साहन देने के लिए काम करने के लिए ड्यूरेक्स पूरी दुनिया में एक जाना-माना नाम है। ड्यूरेक्स विशिष्‍ट प्राइड मासिक संस्करण के लिए आउटलुक पत्रिका के साथ एक विशेष साझेदारी की घोषणा करते हुए काफी उत्‍साहित है। अपनी अनोखी पहल ‘द बर्ड्स एंड बीज़ टॉक (टीबीबीटी)’ के अंतर्गत तैयार इस अंक को इस साल के प्राइड मासिक विषय, ‘रिफ्लेक्ट. एम्पावर. यूनाइट’ के अनुरूप LGBTQIA+कम्‍युनिटी का जश्न मनाने और उसको समर्थन देने के लिए डिजाइन किया गया है। ड्यूरेक्स TBBT के साथ साझेदारी में आउटलुक पत्रिका का यह विशेष संस्करण, प्रकाशन से कहीं बढ़कर है। यह एक अधिक समावेशी और बेहतर समझ रखने वाले समाज को बढ़ावा देने में कहानी सुनाने, शिक्षा और सामुदायिक समर्थन की शक्ति का एक प्रमाण है। LGBTQIA + कम्‍युनिटी की उपलब्धियों का जश्न मनाने और चुनौतियों का समाधान करके, यह पहल यकीनन ‘रिफ्लेक्ट. एम्पावर. यूनाइट’ के प्राइड मसिक विषय साकार करती है।

समुदाय के लिए महत्वपूर्ण योगदान के रूप में इस पहल का उद्देश्य समावेशिता को बढ़ावा देना और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जरुरी संवाद को मजबूत करना है। डायरेक्‍टर ऑफ एक्‍टर्नल एफेयर्स एंड पार्टनरशिप, SOA, रेकिट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के ट्रांस एलीशिप अवार्ड के प्राप्‍तकर्ता रवि भटनागर द्वारा अतिथि के रुप में संपादित इस विशेष संस्करण में प्रेरक कहानियों, विशिष्‍ट जानकारी और व्यापक दर्शकों को संबोधित करने के लिए तैयार की गई शैक्षिक सामग्री की एक श्रृंखला दी गई है।

आवाज़ को ताकत देना: यह संस्करण सुशांत दिवगीकर, आलोक वर्मा, दुती चंद और त्रिनेत्र हलधर गुम्माराजू जैसी मशहूर LGBTQIA+ हस्तियों के लिए एक शक्तिशाली मंच प्रदान करता है। सामाजिक बाधाओं को दूर करने और समावेशिता को बढ़ावा देने में उनकी कहानियाँ वास्तव में प्रेरणादायक हैं और LGBTQIA+ कम्‍युरिटी की खूबियों और उपलब्धियों से पाठकों को रुबरु कराके उनको सशक्त बनाने का लक्ष्य रखती हैं।

विशेषज्ञ जानकारी: पत्रिका में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा, प्रमुख ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और प्रसिद्ध पत्रकार अशोक रो कवि जैसी प्रमुख हस्तियों के अतिथि कॉलम शामिल किए गए हैं। ये कॉलम LGBTQIA+ कम्‍युनिटी के इतिहास, अधिकारों और सामाजिक मान्‍यताओं की गहराई में जाकर विश्‍लेषण करते हैं, जिनका मूल्‍यवान नजरिया शैक्षिक और विचारणीय दोनों हैं।

व्यापक शिक्षा: व्यापक यौन शिक्षा, विधायी संरक्षण और सांस्कृतिक बदलावों की जरुरत पर फोकस करते हुए, इस संस्करण का उद्देश्य एक ऐसे समाज को बढ़ावा देना है जो विविधता को महत्व देता है और व्यक्तियों को उनके लिंग पर ध्‍यान दिए बिना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाता है। इस अंक की विषय-वस्‍तु अधिक समावेशी दुनिया के लिए चल रहे प्रयासों और भविष्य की आकांक्षाओं पर प्रकाश डालती है, जो इसे LGBTQIA+ कम्‍युनिटी को समझने और उसका समर्थन करने के इच्छुक पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनाती है।

 

 

TBBT प्रोग्राम का प्रभाव: बर्ड्स एंड बीज़ टॉक पहल ने पूरे भारत में यौन और प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा पर व्‍यापक प्रभाव डालने का काम किया है। प्रोग्राम की सोशल रिटर्न ऑन इन्‍वेस्‍टमेंट (SROI) मूल्यांकन अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, निवेश किए गए प्रत्येक ₹ 1 का सामाजिक मूल्य काफी अधिक ₹ 24.40 के बराबर है, जो इसकी प्रभावशीलता और दूरगामी प्रभाव को दर्शाता है। महत्वपूर्ण जरूरतों को संबोधित करके और स्वस्थ आचरण को बढ़ावा देकर, TBBT

व्यापक संवाद: प्राइड माह का जश्‍न मनाने के अलावा, इस विशेष संस्करण का उद्देश्य खासकर किशोरों के बीच यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में व्यापक चर्चाओं को बढ़ावा देना है । पूरे माह चलने वाले संवाद के माध्यम से, यह संस्करण इन चर्चाओं के महत्व को मजबूत करता है, और सुनिश्चित करता है कि इसका प्रभाव जून से आगे भी जारी रहें।

रेकिट के कार्यकारी उपाध्यक्ष गौरव जैन ने इस पहल पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “प्राइड माह हमारे लिए LGBTQIA+ कम्‍युनिटी के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर विमर्श करने और उनका समर्थन करने के लिए अर्थपूर्ण काम करने का मौका है। आउटलुक मैगज़ीन के इस विशेष संस्करण का उद्देश्य भविष्य के लिए उद्देश्य और उम्‍मीद की भावना को बढ़ावा देना है। यह अब तक की प्रगति के जश्‍न के साथ उस काम की याद दिलाता है जिसे अभी भी करने की आवश्यकता है। अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से, हम असमानता की खाई को पाटने का प्रयास करते हैं, व्यक्तियों को अपनी राय व्यक्त करने और अपने अनुभव साझा करने के लिए एक मंच प्रदान
करते हैं।”

TBBT प्रोग्राम ने पारंपरिक से लेकर अपरंपरागत तरीकों से स्कूली पाठ्यक्रम, मीडिया, किशोर मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन, ई-लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म, संगीत एल्बम, भित्ति चित्र, सोशल मीडिया और AI-संचालित चैटबॉट हेलोजुबी सहित विभिन्न युक्तियों द्वारा प्रभावशाली संवाद स्‍थापित किया है। मूल रूप से पूर्वोत्तर भारत में किशोरों को जरुरी जीवन कौशल से लैस करने के लिए तैयार किया गया, TBBT प्रोग्राम अब देश भर में अपनी पहुँच बढ़ा रहा है। यह प्रोगाम व्यापक यौन शिक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता को संबोधित करता है और युवाओं के बीच स्वस्थ आचरण को बढ़ावा देता है। महत्वपूर्ण और आयु-अनुसार जानकारी प्रदान करके, प्रोग्राम किशोरों, शिक्षकों और समुदाय के सदस्यों के बीच यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में संवाद को बढ़ावा देता है और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करता है।

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