दिल्ली में ‘एक्यूआई’ का असर गहरा, लग गया पहरा

 

 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सांसों के संकट के बीच आज ‘हवा और खराब’ हो गई। सुबह सात बजे आरकेपुरम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 669 और श्रीनिवासपुरी में 633 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों का एक्यूआई भी गंभीर स्थिति में दर्ज किया गया है। सीएक्यूएम) की सब कमेटी ने कल आपात बैठक में गंभीर हो रही स्थिति पर चर्चा की। इसके बाद राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह आठ बजे से ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) चार के आठ सूत्री एक्शन प्लान को लागू करने का निर्देश दिया गया है।

सीएक्यूएम के अनुसार आज सुबह आरकेपुरम दिल्ली का एक्यूआई669, श्रीनिवासपुरी दिल्ली का 633, आनंद विहार का 624, पटपड़गंज का 622, पूसा का 619, ओखला का 608, श्रीअरबिंदो मार्ग का 617, नोएडा सेक्टर-62 का 521, नोएडा सेक्टर-125 का256 और नोएडा सेक्टर-1 का 260 दर्ज किया गया।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के निकम्मेपन के कारण, हम यह दिन देख रहे हैं जब दिल्ली में जहरीली हवा है… पिछले 10 सालों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण आज दिल्ली जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है। इसकी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी सरकार और अरविंद केजरीवाल की है जिन्होंने पिछले 10 सालों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।”

दिल्ली में ग्रेप-4 लागू होने पर सभी निर्माण कार्यों पर रोक ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा दिल्ली में 10वीं और 12वीं को छोड़कर सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात आठ बजे कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 462 दर्ज किया गया। ग्रेप-4 लागू होने की वजह से दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश वर्जित होगा। केवल आवश्यक सामान ले जाने वाले ट्रकों और सीएनजी, इलेक्ट्रिक बीएस 4 डीजल ट्रकों को छोड़ कर दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ईवी/सीएनजी/बीएसवीएल डीजल के अलावा दिल्ली के बाहर पंजीकृत एलसीवी को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ सी एंड डी गतिविधियों पर प्रतिबंध के साथ रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध होगा इसमें राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, विद्युत पारेषण, पाइपलाइन, दूरसंचार शामिल है। स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर चलाने की सिफारिश की गई है। सम-विषम आधार पर वाहनों को चलाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

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