दिल्ली कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: कांवड़ यात्रा 2025 बनेगी सेवा, सुशासन और श्रद्धा का प्रतीक

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा-2025 को भव्य, दिव्य और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस पवित्र यात्रा के आयोजन को पूरी श्रद्धा और सुशासन के साथ संपन्न कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस बार पंजीकृत कांवड़ सेवा समितियों को आर्थिक सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे दी जाएगी। साथ ही, शिविर लगाने और सेवा कार्यों के लिए जरूरी सभी अनुमतियाँ अब सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से जारी की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह है कि शिव आराधना और शिवभक्तों की साधना में किसी प्रकार का व्यवधान न आए।”

प्रमुख घोषणाएं:

प्रत्येक पंजीकृत कांवड़ सेवा शिविर को 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी।

उत्तम पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, और संगठित ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकार की ओर से हर शिविर की निगरानी और समन्वय हेतु विशेष टीमों का गठन होगा।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, “एक समय था जब कांवड़ यात्रा भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का शिकार थी। लेकिन अब यह यात्रा सेवा, सुशासन और श्रद्धा का प्रतीक बनेगी।”

दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार शिवभक्तों की हर आवश्यकता को प्राथमिकता पर लिया जाएगा और ‘कांवड़ यात्रा 2025’ को एक अनूठा आस्था उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

इस निर्णय का स्वागत विभिन्न कांवड़ सेवा समितियों, धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुजनों ने हर्ष और संतोष के साथ किया है। यह कदम न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता लाएगा, बल्कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दिल्ली को एक आदर्श केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेगा।

 

 

 

 

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