रणवीर सिंह
नई दिल्ली। भारतीय शतरंज को गौरवान्वित करने वाला ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। 19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने मंगलवार को फिडे महिला वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उन्होंने फाइनल में भारत की नंबर-1 महिला खिलाड़ी और वर्तमान विश्व रैपिड चैंपियन ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी को हराया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही दिव्या भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बन गई हैं।
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) के सचिव देव पटेल ने इस शानदार जीत पर दिव्या को बधाई देते हुए कहा, “आपको दिल से बधाई, दिव्या। आपने कमाल कर दिखाया है और पूरे देश को आप पर गर्व है। महज 19 साल की उम्र में आपने दुनिया को दिखा दिया कि शतरंज में उम्र सिर्फ एक संख्या है। आप किसी से कम नहीं हैं। भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। खासकर इसलिए भी क्योंकि यह ऑल-इंडिया फाइनल था और दिग्गज ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी के खिलाफ खेलना एक दबावपूर्ण स्थिति रही होगी। AICF, राज्य संघों, भारत सरकार और समस्त देश की ओर से आपको ढेरों बधाई। हमें पूरा विश्वास है कि आप आगे भी भारत के लिए कई उपलब्धियां हासिल करेंगी।”
बता दें कि फाइनल के पहले दो क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहे। इसके बाद जॉर्जिया के बातुमी में हुए रैपिड टाईब्रेक में दिव्या ने संयम बनाए रखते हुए पहला मुकाबला ड्रॉ खेला और दूसरे रैपिड गेम में कठिन जीत हासिल कर खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारतीय शतरंज के इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ती है।

