महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन होंगे एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, जे.पी. नड्डा ने किया ऐलान

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी (सी.पी.) राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का उम्मीदवार घोषित किया। यह निर्णय भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि विपक्ष से भी संवाद जारी है और प्रयास रहेगा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव सर्वसम्मति से और निर्विरोध संपन्न हो।

नड्डा ने कहा, “जैसा कि हमने पहले भी कहा है, हम विपक्षी दलों से संपर्क में हैं। हमारे वरिष्ठ नेता उनसे लगातार संवाद कर रहे हैं। एनडीए के सभी सहयोगियों ने हमारा समर्थन किया है और अब सी.पी. राधाकृष्णन हमारे उम्मीदवार हैं।”

राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि

20 अक्तूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे राधाकृष्णन लंबे समय से भाजपा और संघ परिवार से जुड़े रहे हैं। उन्होंने भाजपा के तमिलनाडु अध्यक्ष के रूप में 2003 से 2006 तक संगठन की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान उन्होंने नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों पर केंद्रित 93-दिवसीय रथ यात्रा का नेतृत्व किया।

राधाकृष्णन 1998 और 1999 में लगातार दो बार लोकसभा सांसद चुने गए और कोयंबटूर का प्रतिनिधित्व किया। संसद में उन्होंने कपड़ा संबंधी स्थायी समिति की अध्यक्षता की और वित्त व सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़ी कई समितियों में सक्रिय योगदान दिया।

संवैधानिक जिम्मेदारियां

संवैधानिक पदों पर भी राधाकृष्णन का अनुभव व्यापक रहा है।

18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक वे झारखंड के राज्यपाल रहे।

इसके अलावा मार्च से जुलाई 2024 तक तेलंगाना के राज्यपाल और मार्च से अगस्त 2024 तक पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।

31 जुलाई 2024 को उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया।

एनडीए में समर्थन

एनडीए सहयोगी दलों ने राधाकृष्णन की उम्मीदवारी का स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर कहा, “हम उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का पूरा समर्थन करते हैं। हम सड़क से लेकर संसद तक एनडीए के साथ खड़े हैं।”

राधाकृष्णन की उम्मीदवारी भाजपा और एनडीए की ओर से एक स्पष्ट संदेश है कि संगठनात्मक प्रतिबद्धता और सेवा भाव को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है। अब देखना यह होगा कि विपक्ष इस पर क्या रुख अपनाता है और क्या यह चुनाव वास्तव में निर्विरोध संपन्न होता है।

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