पटना। बिहार में INDIA गठबंधन की ओर से निकाली गई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को जनता का बड़ा समर्थन मिल रहा है। यात्रा को लेकर विपक्षी दलों ने डबल इंजन सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सीपीआई(एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस यात्रा को हर दिन और भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए करीब 1.5 से 2 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटने की साजिश रची गई थी। भट्टाचार्य ने कहा,“हमारी मांग है कि जिनके नाम गलत तरीके से काटे गए हैं, उन्हें फिर से सूची में शामिल किया जाए। जब चुनाव आएगा तो जनता एक-एक वोट का सही इस्तेमाल करके इस सरकार को सबक सिखाएगी। डबल इंजन की सरकार ने बिहार को डबल धोखा दिया है, इसलिए इस धोखेबाज सरकार को गद्दी से हटाना और बदलाव लाना जरूरी है।”
वहीं, राजद के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि इस यात्रा को लेकर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरा देश और दुनिया प्रतिक्रिया देख रही है। उन्होंने कहा,
“हमें अंदाजा भी नहीं था कि चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के खिलाफ उठे आक्रोश से शुरू हुई यह यात्रा इतना बड़ा रूप ले लेगी। आज हर बच्चा कह रहा है – वोट चोरी, गद्दी छोड़ा। मत सबसे बड़ा मौलिक अधिकार है। अगर आपका मत सुरक्षित नहीं है तो न आपका वर्तमान सुरक्षित है और न ही भविष्य। ऐसे में लोकतंत्र का मूल ही खत्म हो जाता है। इस यात्रा ने पूरे माहौल को बदल दिया है।”
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए विपक्ष मतदाता सूची में हुई कथित गड़बड़ियों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

