नई दिल्ली। भारत में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच भारती एयरटेल की धोखाधड़ी-विरोधी मुहिम ने उल्लेखनीय असर दिखाया है। गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि एयरटेल नेटवर्क पर वित्तीय नुकसान के मामलों में लगभग 70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
सितंबर 2024 और जून 2025 के बीच किए गए विश्लेषण में सामने आया कि एयरटेल नेटवर्क पर वित्तीय नुकसान के मूल्य में 68.7% की कमी और कुल साइबर अपराध मामलों में 14.3% की गिरावट आई। यह आँकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि कंपनी का एआई-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन समाधान ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने में कारगर सिद्ध हुआ है।
एयरटेल के वाइस चेयरमैन व प्रबंध निदेशक गोपाल विट्टल ने कहा कि उनका मिशन ग्राहकों को स्पैम और धोखाधड़ी से मुक्त करना है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में एयरटेल नेटवर्क ने 48.3 बिलियन स्पैम कॉल्स की पहचान की और 3.2 लाख धोखाधड़ी वाले संदिग्ध लिंक्स को ब्लॉक किया। उन्होंने साफ किया कि यह पहल अभी शुरुआत है और जब तक नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, कंपनी नवाचार और निवेश जारी रखेगी।
एयरटेल ने सितंबर 2024 में भारत का पहला नेटवर्क-आधारित एआई स्पैम डिटेक्शन सॉल्यूशन लॉन्च किया था, जिसने स्पैम कॉल्स और संदेशों पर रोक लगाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद मई 2025 में कंपनी ने दुनिया का पहला ऐसा समाधान पेश किया, जो नेटवर्क पर आने वाले खतरनाक लिंक्स को रीयल-टाइम में ब्लॉक करता है। यह सेवा सभी मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों को निःशुल्क उपलब्ध है।
आई4सी के निष्कर्ष इस बात की पुष्टि करते हैं कि एयरटेल की यह पहल न केवल ग्राहकों के हितों की रक्षा कर रही है, बल्कि देशभर में साइबर अपराधों की रोकथाम में भी अहम योगदान दे रही है।

