नई दिल्ली। 22 सितंबर से भारत में GST की नई दरें लागू हो गई हैं, जिससे रोजमर्रा की वस्तुएँ और कई सेवाएँ सस्ती हो गई हैं। सरकार ने 3 सितंबर को GST में कटौती की घोषणा की थी, जो अब से प्रभावी हो गई है। अब केवल दो स्लैब होंगे: 5% और 18%, ताकि टैक्स सिस्टम सरल और आसान हो। GST काउंसिल की 56वीं बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई थी।
रोजमर्रा के सामान पर राहत
ग्राफिक्स में देखें कि पनीर, घी, साबुन, शैम्पू, और कार जैसी वस्तुएँ अब कितनी सस्ती हुई हैं। कुछ कंपनियों ने नए रेट अभी जारी नहीं किए हैं, इसलिए अनुमानित MRP दिखाई गई है। इसमें सेलर्स द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट शामिल नहीं हैं, जिससे मार्केट में कीमतें और भी कम हो सकती हैं।
होटल, जिम, फ्लाइट और सिनेमा भी सस्ते
होटल रूम, ब्यूटी और स्वास्थ्य सेवाओं पर GST 18% से घटाकर 5% कर दिया गया।
100 रुपए तक की सिनेमा टिकट पर 5% टैक्स लगेगा, पहले यह 12% था।
100 रुपए से अधिक की टिकट पर 18% GST लागू होगा।
होटल रूम जिनका किराया 1000 रुपए से कम है, वे टैक्स फ्री रहेंगे।
₹1000 से ₹7500 तक के होटल रूम पर GST 12% से घटाकर 5% कर दिया गया।
₹7500 से अधिक के प्रीमियम होटल रूम पर 18% GST लगेगा।
कुछ सामान महंगा भी होगा
शौक और विलासिता की वस्तुओं के लिए 40% नया स्लैब बनाया गया है। इसमें पान मसाला, तम्बाकू, और कुछ कार व बाइक शामिल हैं।
पहले जिन पर कुल टैक्स 45% था, अब वह घटकर 40% हो गया है।
पेट्रोल कारें (1200 cc और 4 मीटर से लंबी), डीजल कारें (1500 cc और 4 मीटर से लंबी) और मोटरसाइकिलें (350 cc से अधिक) इस टैक्स स्लैब में आएंगी।
GST से अर्थव्यवस्था पर असर
सरकार का दावा है कि GST 2.0 से आम आदमी को राहत मिलेगी, व्यवसाय करना आसान होगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था में करीब 2 लाख करोड़ रुपए का इजाफा होगा।
चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी. अनंथा नागेश्वरन के अनुसार, लोगों के हाथ में अधिक खरीदारी की ताकत आएगी, जिससे डिमांड-प्रोडक्शन चक्र सक्रिय होगा और GDP ग्रोथ बढ़ेगी।
इकोनॉमिस्ट और एलारा कैपिटल की EVP गरीमा कपूर ने कहा कि ये सुधार कंजम्प्शन डिमांड को 1%-1.2% का बूस्ट देंगे, जो अगले 4-6 क्वार्टर्स में GDP ग्रोथ को बढ़ाएगा।

