सिंगबोंगा मैराथन दौड़: पर्वतीय घाटियों में उमड़ा उत्साह, एकता और ऊर्जा का संगम

गुमला। झारखण्ड के पर्वतीय अंचल में आज “सिंगबोंगा मैराथन दौड़” का भव्य आयोजन हुआ, जो नेतरहाट की सुरम्य वादियों से आरंभ होकर जतरा ताना भगत स्मारक, चिंगरी (बिशुनपुर) तक 28 किलोमीटर की प्रेरक दूरी तय करते हुए सम्पन्न हुई। यह आयोजन “युवा कौशल विकास महोत्सव 2025” के तहत किया गया, जिसमें सैकड़ों युवाओं और छात्राओं ने भाग लेकर अदम्य साहस, ऊर्जा और एकता का परिचय दिया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूनम सिंह, जिला परिषद अध्यक्षा, लातेहार उपस्थित थीं। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “यह मैराथन न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह युवाओं को समाज निर्माण में सशक्त भागीदारी के लिए प्रेरित करती है।”विशिष्ट अतिथि पद्मश्री अशोक भगत, सचिव – विकास भारती बिशुनपुर ने कहा कि “सिंगबोंगा मैराथन केवल खेल नहीं, बल्कि यह झारखण्ड की सांस्कृतिक चेतना और अनुशासन का प्रतीक है। यह हमें संघर्ष, सामूहिकता और आत्मनिर्भरता की राह दिखाती है।”नेतरहाट विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष पाठक ने कहा कि “ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, धैर्य और टीम भावना को विकसित करते हैं। खेल अनुशासन और समर्पण सिखाता है, जो जीवन की हर दिशा में सफलता की कुंजी है।”सुबह की ठंडी हवाओं और प्राकृतिक सुंदरता के बीच आरंभ हुई यह दौड़ पूरे मार्ग पर जोश और उमंग से भरपूर रही। विभिन्न पड़ावों पर जल, प्राथमिक उपचार और विश्राम की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। ग्रामीणों, विद्यालयों और स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह से प्रतिभागियों का स्वागत किया। विशेष रूप से महिला प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति आयोजन की विशेष आकर्षण रही।बालिका वर्ग (28 किमी) में
प्रथम स्थान — नीमा कुमारी (कुगाव, गुमला)
द्वितीय स्थान — ऊषा कुमारी (चिपरी, बिशुनपुर)
तृतीय स्थान — रूपा कुमारी (मंजीरा, बिशुनपुर)
इसके अलावा 378 बालिकाओं ने भाग लिया, जिनमें ममता कुमारी, देवंती कुमारी, कौशल्या उरांव, फूल कुमारी, रोशनी कुमारी और सबनम कुमारी प्रमुख रहीं।बालक वर्ग (28 किमी) में
प्रथम स्थान — अनुराय उरांव (ओरया, बिशुनपुर)
द्वितीय स्थान — अमर उरांव (कुलकूपी, पुसो)
तृतीय स्थान — रामबिलास पासवान (सेन्हा, लोहरदगा)
इसके साथ ही 566 बालकों ने दौड़ में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।मैराथन के समापन पर विजेताओं को प्रमाणपत्र, मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह में विकास भारती बिशुनपुर के कार्यकर्ता, नेतरहाट विद्यालय प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और लातेहार व गुमला जिलों के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।अंत में पद्मश्री अशोक भगत ने कहा, “सिंगबोंगा मैराथन झारखण्ड की एकता, साहस और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बन चुकी है। यह आयोजन हर वर्ष युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा।”चिंगरी में आयोजित युवा संगम में पूरे लातेहार जिले से 100 फुटबॉल टीमों के 1500 प्रतिभागियों ने भाग लिया।इस प्रकार नेतरहाट से चिंगरी तक 28 किलोमीटर की “सिंगबोंगा मैराथन दौड़” जयघोष, तिरंगे और उत्साह के बीच सम्पन्न होकर एक ऐतिहासिक आयोजन बन गई — जिसने खेल, संस्कृति और सामाजिक एकता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की।

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