किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि जीवनदाता हैं: श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली। पेप्सिको इंडिया ने वॉयस ऑफ हार्वेस्ट अवार्ड्स 2025 के दूसरे संस्करण के साथ भारत के किसानों को सम्‍मानित करने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस कार्यक्रम में उन मेहनतकश किसानों को सम्मानित किया गया जिनके कार्यों में नवाचार, स्थिरता, नेतृत्व और गहन सामुदायिक प्रभाव की स्‍पष्‍ट छाप नजर आती है और साथ ही, डिजिटल कृषि, सुधार की खेती, जल प्रबंधन और फसल विविधीकरण जैसी सर्वोत्तम पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलता हों। पेप्सिको इंडिया की पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस फिलोसफी के अनुरूप, इस पहल ने हमें स्‍मरण कराया कि असली बदलाव तब होता है जब किसान, व्यवसाय, गैर सरकारी संगठन और नीति निर्माता वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं।
वॉयस ऑफ हार्वेस्ट अवार्ड्स 2025 के माध्‍यम से भारत भर के उन किसानों की उत्कृष्ट कहानियों को सम्मानित किया गया—जो अपने समुदायों में दयालुता, लचीलापन और नवाचार लाने का काम कर रहे हैं। देश के कोने-कोने से आए 200 से अधिक शानदार नामांकनों में से 10 बेहतरीन किसानों को सम्मानित किया गया।
माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार, श्री शिवराज सिंह चौहान पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में किसानों को देश के विकास की रीढ़ और सतत परिवर्तन का महानायक बताया। उन्होंने कहा, “हमारे लिए, किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि जीवनदाता हैं, हमारे राष्ट्र की शक्ति का स्रोत हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हम खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, उत्पादकता बढ़ाने, मृदा की गुणवत्‍ता में सुधार लाने और किसानों की अधिक आय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है: आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी भूमि को संरक्षित करते हुए भारत को विश्व का खाद्य भंडार बनाना। अपने किसानों की सेवा राष्ट्र के प्रति हमारी सबसे बड़ी सेवा है और हमेशा रहेगी।”

वॉयस ऑफ हार्वेस्ट 2025 — ने उन किसानों को सम्मानित किया जो सहयोग और सुधार के उपायों द्वारा ला रहे हैं स्थायी परिवर्तन

 

पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ, जागृत कोटेचा ने कहा, “आज हम अपने देश की रीढ़ यानी अपने किसानों का सम्‍मान कर रहे हैं। वॉयस ऑफ हार्वेस्ट अवार्ड्स 2025 उनकी परख करने और दुनिया को यह दिखाने का एक मंच है कि हमारे किसान क्या करने में सक्षम हैं। एक कृषि-केन्द्रित कंपनी के रूप में, हम भारत में 27,000 से अधिक किसानों के साथ काम कर रहे हैं, कृषि समुदायों द्वारा प्रौद्योगिकी और सुधार के उपायों को अपनाने की सफलता की कहानियां सुनना हमें उत्‍साह से भर देता है, उनकी ये कहानियां भारत के हृदयस्थलों में एक सांस्कृतिक बदलाव का संकेत देता है। यह युवाओं को कृषि को अपनाने के लिए प्रेरित करने और भारत को दुनिया की खाद्य राजधानी बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दर्शाता है।”
निर्णायक मंडल ने 10 क्षेत्रों में प्रस्तुतियों की समीक्षा की और निम्नलिखित श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया:
• कृषि-उद्यमिता उत्प्रेरक पुरस्कार: गायत्री देवी राठौर, तवादाही, श्री गंगानगर (राजस्थान)
• सामुदायिक प्रभाव चैंपियन पुरस्कार: आमोन महिला चासी प्रोडयूसर कंपनी लिमिटेड, झारग्राम, पश्चिम बंगाल के नयाग्राम ब्लॉक में स्थित
• फसल विविधीकरण चैंपियन पुरस्कार: गायत्री पैकरा, गेमकेला, रायगढ़, छत्तीसगढ़
• डिजिटल कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार: गुरु पवार, उमरेठ, छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) के बेरीगावाड़ा गाँव का किसान
• कृषि लचीलापन और जलवायु अनुकूलन पुरस्कार: कुमारी बाई मंडावी, छत्तीसगढ़
• सुधार कृषि चैंपियन पुरस्कार: धुबड़ी बाई सोलंकी, ओसाडा, पाटी (बड़वानी)
• खेती में क्रांतिकारी नारी पुरस्कार: नीता कनानी, राजकोट, गुजरात की एक किसान और उद्यमी
• सतत आजीविका पुरस्कार: के. सेल्वाकुमार, मेला सिंधलाई, थेनी (तमिलनाडु)
• जल संरक्षण पुरस्कार: जयपुर (राजस्थान) के सांभर ब्लॉक के खेड़ी मिल्क गाँव के श्री ओम प्रकाश शर्मा
• युवा कृषि नवप्रवर्तक पुरस्कार: विश्वजीत सरकार, अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल के एक प्रगतिशील किसान
भारत के कृषक समुदायों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, पेप्सिको इंडिया ने पिछले साल क्रांतिकारी नारी पुरस्कारों के माध्यम से नवाचार, लचीलेपन और बदलाव की प्रभावशाली कहानियों को सम्‍मानित

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