पटना। जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 19 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर शामिल हुए।
इससे एक दिन पहले बुधवार को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और तत्पश्चात राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के समक्ष नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
कैबिनेट गठन को लेकर एनडीए में सीटों का संतुलन साधने पर जोर दिया जा रहा है। बीजेपी और जेडीयू के अलावा गठबंधन के अन्य सहयोगियों को भी प्रतिनिधित्व देने के लिए हर छह विधायकों पर एक मंत्री पद दिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
नई विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र 26 नवंबर से शुरू होगा, जिसमें स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव होगा और नए निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी।
गौरतलब है कि बिहार में एनडीए ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। इनमें भाजपा को 89, जेडीयू को 85, एलजेपी (RV) को 19, हम (S) को 5 और आरएलएम को 4 सीटें मिली हैं।

