सत्ता का अहंकार बनाम प्रेस की स्वतंत्रता, NDTV घटना पर तीखी प्रतिक्रिया

नईदिल्ली। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एनडीटीवी के पत्रकार के साथ की गई बदतमीजी की घटना ने सत्ता और पत्रकारिता के संबंधों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एनडीटीवी के एडिटर *अनुराग द्वारी* सहित मीडिया जगत में व्यापक चिंता और आक्रोश है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष *कृष्णमोहन झा* ने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना पत्रकार का अधिकार है और सत्ता में बैठे लोगों का पत्रकारों से दुर्व्यवहार करना अस्वीकार्य है।

कृष्णमोहन झा ने कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पूर्व में भी अपने असंवेदनशील बयानों के कारण विवादों में रहे हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने मंत्री से *सार्वजनिक माफी* की मांग करते हुए राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने नेताओं को सार्वजनिक आचरण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना सिखाएं।

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