टाटा पावर-डीडीएल की छह ऑफिस बिल्डिंग्स को मिला LEED प्लेटिनम सर्टिफिकेशन

दिल्ली। उत्तर दिल्ली में लगभग 90 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने वाली अग्रणी पावर यूटिलिटी टाटा पावर-डीडीएल ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की छह अतिरिक्त मौजूदा ऑफिस बिल्डिंग्स को प्रतिष्ठित LEED v4.1 EBOM (Existing Buildings: Operations & Maintenance) के तहत LEED प्लेटिनम सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है।

इन भवनों में लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (सेनपीड), रानी बाग प्रोटेक्शन ऑफिस और कंपनी के चार प्रमुख जिला कार्यालय शामिल हैं। यह सर्टिफिकेशन यू.एस. ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (USGBC) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप और ग्रीन बिजनेस सर्टिफिकेशन इंक. (GBCI) द्वारा सत्यापित किया गया है।

LEED प्लेटिनम, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, सस्टेनेबल ऑपरेशंस, बेहतर आंतरिक वातावरण और डिजाइन में नवाचार के लिए दी जाने वाली सर्वोच्च वैश्विक रेटिंग मानी जाती है। इस उपलब्धि के साथ ही टाटा पावर-डीडीएल के कुल 10 मौजूदा कार्यालय भवनों को अब तक LEED प्लेटिनम सर्टिफिकेशन प्राप्त हो चुका है। इससे पहले वर्ष 2022 में कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय सहित चार भवनों को यह सम्मान दिया गया था।

सर्टिफिकेशन के लिए किए गए कठोर मूल्यांकन में इन भवनों को ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटिंग और एचवीएसी सिस्टम, प्रभावी जल संरक्षण उपाय, संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग, बेहतर इनडोर एनवायरनमेंट और कम कार्बन फुटप्रिंट जैसे मानकों पर वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट पाया गया।

इस उपलब्धि पर टाटा पावर-डीडीएल के सीईओ द्विजदास बसाक ने कहा, “हम सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण और जिम्मेदार परिचालन के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे 10 कार्यालयों का LEED प्लेटिनम सर्टिफिकेशन पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और टाटा पावर के दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को दर्शाता है।”

यह उपलब्धि न केवल सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में टाटा पावर-डीडीएल की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कंपनी के निरंतर प्रयासों को भी नई मजबूती प्रदान करती है।

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