नई दिल्ली। भारत मण्डपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने वरिष्ठ पत्रकार और पांचजन्य के पूर्व संपादक तरुण विजय की पुस्तक “मंत्र-विप्लव” का विमोचन किया। थीम पैवेलियन, हॉल नंबर-5 में आयोजित कार्यक्रम में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, “आर्य बाहर से नहीं आए, लेकिन एक एजेंडे के तहत यह नैरेटिव सेट किया गया कि आर्य बाहर से आए। वास्तव में असत्य को सत्य की तरह स्थापित किया गया। गलत नैरेटिव के माध्यम से सत्य और इतिहास को विद्रूप किया गया। इसे ठीक करने की जरूरत है।” प्रख्यात विचारक और राज्यसभा सदस्य डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “आज हमारे बौद्धिक वर्ग का एक तबका “एम फैक्टर” के नशे में धुत है। एम फैक्टर यानी ‘मैकाले-मार्क्स-मुगल’। ये तीनों लोगों के दिमाग में घर कर गए हैं। हमारा लक्ष्य लोगों को इस माइंडसेट से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति लेफ्टिस्ट और लिबरल एक साथ नहीं हो सकता, फिर भी ‘लेफ्ट-लिबरल’ शब्द धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।” इससे पहले “मंत्र-विप्लव” की चर्चा करते हुए लेखक तरुण विजय ने कहा कि उनकी पुस्तक के केंद्र में वह सब कुछ है, जो मानव विरोधी है, समाज के लिए अहितकर है। उन्होंने पुस्तक के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया है कि आज भारत के सामने जो चुनौतियां हैं, उनसे कैसे निपटा जा सकता है। ललित निबंधों के इस संकलन को प्रभात प्रकाशन ने पब्लिश किया है। पुस्तक विमोचन के दौरान प्रभात प्रकाशन के डायरेक्टर प्रभात कुमार और पीयूष कुमार ने भी मौजूद रहे।

