भारत रंग महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ, दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रंगमंच उत्सव शुरू

नई दिल्ली: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार शाम राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), मंडी हाउस, नई दिल्ली में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ भारत रंग महोत्सव (BRM) 2026 के 25वें संस्करण का शुभारंभ किया। भारत रंग महोत्सव को दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रंगमंच उत्सव माना जाता है।

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत रंग महोत्सव भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कथाओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों को विश्व के दर्शकों से जोड़ने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव वैश्विक स्तर पर भारत की कला और संस्कृति की नई छवि प्रस्तुत करते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

इस प्रतिष्ठित उद्घाटन समारोह में कला, संस्कृति, सिनेमा और रंगमंच जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री विवेक अग्रवाल (आईएएस) तथा विशेष अतिथि के रूप में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की महानिदेशक सुश्री के. नंदिनी सिंगला उपस्थित रहीं। ‘रंग दूत’ के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं एनएसडी की पूर्व छात्रा सुश्री मीता वशिष्ठ ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।

समारोह की अध्यक्षता एनएसडी सोसाइटी के उपाध्यक्ष एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रो. भारत गुप्त ने की। स्वागत भाषण एनएसडी के निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसडी के रजिस्ट्रार श्री प्रदीप के. मोहंती ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध अभिनेता एवं एनएसडी के पूर्व छात्र श्री श्रीवर्धन त्रिवेदी ने किया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एनएसडी के ऐप-आधारित रेडियो स्टेशन “रंग आकाश” और एनएसडी के ओटीटी प्लेटफॉर्म “नाट्यम” का शुभारंभ रहा, जिसे केंद्रीय मंत्री ने लॉन्च किया। यह पहल एनएसडी की डिजिटल और वैश्विक पहुंच को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रंगमंच उत्कृष्टता के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित भारत रंग महोत्सव 2026 अब तक के अपने सबसे बड़े स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव भारत के 40 से अधिक स्थानों और विश्व के प्रत्येक महाद्वीप के एक-एक देश में आयोजित होगा। महोत्सव में 277 भारतीय और 12 अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां शामिल हैं, जो 288 भाषाओं और बोलियों में प्रस्तुत की जाएंगी। इसमें पारंपरिक रंगमंच शैलियों, समकालीन प्रयोगों और अंतर-सांस्कृतिक संवाद का जीवंत संगम देखने को मिलेगा।

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